लॉकडाउन में छूटी सुपरवाइजर की नौकरी, अब शातिरों ने निकाली रकम
वैशाली। दो वर्ष पूर्व लॉकडाउन में सुपरवाइजर की नौकरी छूटने के बाद बेरोजगार कपिल शर्मा को शातिरों ने केवाईसी कराने के बहाने एक लाख 17 सौ का चूना लगा दिया। उन्होंने ठगी के मामले में बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र और साइबर सेल पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कराई है।
वैशाली सेक्टर-4 में रहने वाले कपिल शर्मा ने बताया कि वह मानेसर की एक प्राइवेट कंपनी में सुपरवाइजर की नौकरी करते थे। कोरोना महामारी के दौरान कंपनी ने कुछ दिन घर से काम करने की बात कहकर नौकरी से हटा दिया था। इसके बाद से वह दूसरी जगह नौकरी की तलाश कर रहे थे कि कुछ दिनों पहले उनके फोन पर केवाईसी खत्म होने का मेसेज आया था। साथ ही शातिरों ने कॉल भी की थी। मेसेज को उन्होंने नजरअंदाज कर दिया जबकि मिस्ड कॉल पर फोन मिलाया तो शातिर ने केवाईसी करने के लिए कहा। इस पर उन्हें शक हो गया और ठग से मना कर दिया। उन्होंने तुरंत बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र पर फोन किया मगर वहां बात नहीं हो सकी। कपिल का कहना है कि इसके कुछ सेकेंड बाद ही शातिर ने उन्हें दोबारा कॉल कर ग्राहक सेवा केंद्र का अधिकारी बताया। इसमें शातिर ने उन्हें खाते की जानकारी और बैंक का नाम बताया। इसके बाद शातिर ने उन्हें ऑनलाइन खाता बंद करने के लिए एक लिंक दिया और उस पर क्लिक करते ही खाता व फोन हैक कर लिया। उनके द्वारा की गई सभी प्रक्रिया की मदद से शातिर खाते से चार बार की ट्रांजेक्शन में एक लाख 1700 रुपये निकाल लिए।
क्षेत्राधिकारी इंदिरापुरम अभय कुमार मिश्रा का कहना है कि कौशांबी थाने में ठगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। बैंक डिटेल और पूरी प्रक्रिया के आधार पर जांच की जा रही है।