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बच्चा चोरी की घटना को बेचने से जोड़कर रही पुलिस

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बच्चा चोरी की घटना को बेचने से जोड़कर रही पुलिस
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लोनी। डाबर तालाब में बुधवार को चंद रुपये में बच्चा बेचने के मामले में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। पुलिस अशोक विहार में एक माह पूर्व घर से बच्चा चोरी का तार डाबर तालाब कॉलोनी में बच्चा बेचने की घटना से जोड़कर देख रही है। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें दिल्ली, हरियाणा, यूपी के कई जिलों में करीब 28 स्थानों पर दबिश दे चुकी हैं।
पिछले 18 अप्रैल को अशोक विहार से एक साल के बच्चे को अज्ञात घर से उठाकर ले गए थे। परिवार के सदस्यों की गैर मौजूदगी में अज्ञात घर में घुसे थे। आरोपियों ने मौजूद अन्य बच्चों को पैसे देकर घर से बाहर भेज दिया था। इस दौरान आरोपी एक साल के बच्चे को चोरी करके ले गए थे। मामले में परिवार और आसपास के लोगों ने भीख मांगने वाली तीन महिलाओं को बंधक बनाया था। बंधक महिलाओं को छुड़ाने के दौरान लोगों ने पुलिस पर हमला कर दिया था। हालांकि बाद में तीनों महिलाएं निर्दोष निकली थीं। बच्चे की बरामदगी के लिए पुलिस प्रयास कर रही थी, लेकिन एक माह बाद भी बच्चा बरामद नहीं हो सका था। बुधवार को डाबार तालाब कॉलोनी में बच्चा बेचने का मामला सामने आने पर पुलिस की जांच और तेज हो गई। पुलिस अशोक विहार में बच्चा चोरी और डाबर तालाब में बच्चा बेचने की घटनाओं का आपस में कोई कनेक्शन मान रही है। हो सकता है कि दोनों घटनाओं में एक गैंग का हाथ हो। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामलों को पर्दाफाश होगा। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें दिल्ली, हरियाणा, यूपी के कई जिलों में करीब 28 स्थानों पर दबिश दे चुकी है। 14 दिन के बच्चे के परिजन पुलिस को लगातार गुमराह कर रहे हैं। परिजन पुलिस को रोजाना नई कहानी बता रहे है। एसएचओ ओपी सिंह ने बताया कि पुलिस लगातार प्रयास कर रही है कि डाबार तालाब और अशोक विहार से चोरी गए बच्चों को बरामद कर लिया जाए। बच्चा खरीदने वाला कौन सा गैंग है। कितने लोग गैंग में हैं। कहां-कहां इनका ऐसे लोगों से संपर्क है।
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बच्चा बेचने वाले परिवार को नहीं मिलते पूरे पैसे
बच्चा बेचने के बाद बिचौलिया और ग्राहक कुछ पैसे परिवार को उस दिन ही दे देते हैं। बाकी पैसे कुछ दिनों बाद देने का वादा करते थे। ग्राहक और बिचौलिया वादा तो करते हैं, लेकिन परिवार को पैसे पूरे नहीं मिलते थे। एक बच्चा बेचने वाले परिवार के सदस्य ने बताया कि पहले भी उन्होंने अपने बेटे को 60 हजार रुपये में बेचा था, लेकिन बिचौलिया ने उन्हें 30 हजार रुपये ही दिए। बाकी के 30 हजार रुपये बाद में देने का वादा किया था, लेकिन छह माह बाद उसे बाकी के पैसे नहीं मिले। उधर, बुधवार को अपना बच्चा बेचने के बाद ग्राहक और बिचौलिया ने पैसे शाम को देने का वादा किया था। ढाई बजे ग्राहक बच्चा लेकर गया था। शाम छह बजे भी पैसे नहीं मिलने पर परिवार ने बच्चा चोरी का आरोप लगाया था।
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घर में हुई थी डिलीवरी
जिस परिवार ने बच्चा बेचकर चोरी का आरोप लगाया था। बच्चे की मां की डिलीवरी घर पर हुई थी। महिला के चारों बच्चों की डिलीवरी घर पर ही हुई थी। वह जिस जगह पर रहने जाती है, वहां रहने वाली दाई से संपर्क कर लेती है। दाई घर आकर डिलीवरी कर देती है। हालांकि कुछ अन्य महिलाओं की डिलीवरी अस्पताल में हुई थी। इन अस्पतालों का खर्चा भी बिचौलिया ही उठाता था।
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