फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लाइसेंस बनाने वाला फर्जी फूड इंस्पेक्टर समेत दो पकड़े

विज्ञापन
साहिबाबाद के लाजपतनगर में पकड़े गए फ़र्जी फ़ूड इंस्पेक्टर - फोटो : GHAZIABAD City
विज्ञापन
लाइसेंस बनाने वाले फर्जी फूड इंस्पेक्टर समेत दो पकड़े
विज्ञापन

साहिबाबाद। दुकानदारों के फर्जी लाइसेंस बनाने वाले गिरोह के सरगना समेत दो को दुकानदार की मदद से फूड सेफ्टी विभाग ने दबोच लिया। आरोपी दिल्ली-एनसीआर में फर्जी फूड लाइसेंस बनाते थे। दोनों के पास से पुलिस ने तीन फर्जी लाइसेंस बरामद किए हैं। दो आरोपियों को दबोचकर साहिबाबाद पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस दुकानदार की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई में जुटी है।
लाजपतनगर में धीरज सिंह की हरिसन बेकरी एंड डेयरी के नाम से दुकान है। शुक्रवार शाम करीब चार बजे लोनी निवासी मुशाहिद अली उनकी दुकान पर पहुंचा और खुद को फूड इंस्पेक्टर बताकर लाइसेंस दिखाने को कहा। आरोप है कि लाइसेंस नहीं होने पर 21 सौ रुपये मांगे। इस पर उन्हें फर्जी होने का शक हुआ तो उन्होंने फूड सेफ्टी विभाग को मामले की सूचना दी। इसके बाद शातिर को अपनी बातों में फंसाए रखा। सूचना पाकर फूड सेफ्टी विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो मुशाहिद का भेद खुल गया।
विज्ञापन

तभी गोविंदपुरम के बालाजी विहार निवासी सौरभ मौके पर पहुंचा और उसने मुशाहिद को अपना कर्मचारी बताया। उसने कहा कि मुशाहिद उसके लिए काम करता है। टीम ने उसे भी दबोच लिया। इसके बाद साहिबाबाद पुलिस को मामले की सूचना दी। सूचना पाकर साहिबाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को थाने ले आई। दुकानदार धीरज सिंह ने साहिबाबाद थाना में शिकायत दी। एसएचओ साहिबाबाद विष्णु कौशिक ने बताया कि दुकानदार की ओर से मिली तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उनके पास से तीन फर्जी लाइसेंस बरामद किए गए हैं। आरोपियों से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन

लाइसेंस बनाने के नाम पर वसूलते थे मोटी रकम
पूछताछ में सामने आया है कि सौरभ ही पूरे गिरोह को चलाता है। वह काफी समय से यह काम कर रहा है। चीफ फूड सेफ्टी अधिकारी एनएन झा ने बताया कि वह ऑरीजनल लाइसेंस की कॉपी कर एडिट करके उसमें नाम, पता समेत अन्य जानकारी बदल देता था। इसकी भनक लगने पर दुकानदारों को जागरूक किया गया था। उन्हें विभागीय अधिकारियों का नंबर दिया था। इसके चलते यह आरोपी पकड़ में आए हैं। एनएन झा ने बताया कि अन्य दुकानदारों से भी फर्जी लाइसेंस बनाने के नाम पर रुपये लिए गए थे। आरोपियों के पास से कई लाइसेंस बरामद हुए हैं। उन्होंने बताया कि इसके पहले भी यहां से एक फर्जी खाद्य निरीक्षक पकड़ा जा चुका है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें