एनआईए से मुकदमे कराकर सरकार कर रही किसानों का दमन : भाकियू
साहिबाबाद। कृषि कानूनों के खिलाफ 52 दिनों के आंदोलन में किसानों की मदद करने वालों पर एनआईए द्वारा मुकदमे करने की कार्रवाई पर किसान संगठन ने कड़ी आपत्ति जाहिर की है। रविवार को भाकियू ने इसे सरकार की दमनकारी नीति बता आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। वहीं, भाकियू का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद 26 जनवरी को होने वाली ट्रैक्टर रैली पर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। उधर, आंदोलन में दिल्ली -मेरठ एक्सप्रेसवे पर पहलवानों की कुश्ती के बाद सोमवार को महिलाओं खिलाड़ियों की कबड्डी होगी। इसी के साथ 18 को महिला किसान संकल्प दिवस मनाया जाएगा। भूख हड़ताल के लिए भी 16 महिलाओं ने अपने नाम दर्ज कराए हैं।
भाकियू के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि पिछले डेढ़ महीने से किसान सड़क पर बैठकर आंदोलन कर रहे हैं। इसमें लगातार आम जनता का भी समर्थन मिल रहा है। रोजाना दूर-दराज से लोग आंदोलन स्थल पर आकर कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन में बस भेजने, लंगर लगाने, शहीद किसानों के परिवार की मदद करने वालों को सरकार राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा मुकदमे दर्ज करा रही है। यह सरकार की किसानों का दमन करने की नीति है। किसान संगठनों ने इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति उठाई है। उन्होंने इसके खिलाफ भी आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
किसानों के ट्रैक्टरों पर नहीं लगेंगे राजनीतिक झंडे
वहीं, धर्मेंद्र मलिक का कहना है कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस में किसानों की सहभागिता, सावधानी पर चर्चा हुई। किसानों की परेड दिल्ली के अंदर होगी। इस दिन गण की संप्रभुता का उत्सव मनाया जाएगा। परेड से बाहरी रिंगरोड की परिक्रमा की जाएगी। हर वाहन पर राष्ट्रीय तिरंगा व किसान संगठन का झंडा होगा। इस दौरान राजनैतिक झंडे पर पूर्णरूप से मनाही होगी। जो लोग दूर-दराज के इलाकों में रहते हैं वो अपने राज्यों की राजधानी व जिला स्तर पर परेड निकालेंगे। किसानों ने इस बार दिल्ली की जनता को भी किसान परेड देखने के लिए आमंत्रित किया है।
गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के पदाधिकारी जगतार सिंह बाजवा और राजकिशोर ने बताया कि सोमवार को महिला किसान संकल्प दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान आंदोलन का पूरी तरह संचालन महिलाएं करेंगी।
महिला खिलाड़ी दिखाएंगी कबड्डी का दमखम
जगतार सिंह बाजवा ने बताया कि हाइवे पर ही महिला खिलाड़ियों के लिए पूरी तैयारी की जाएगी। किसी को चोट न लगे इसके भी इंतजाम किए जा रहे हैं। जबकि लोगों के बैठने की भी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि कबड्डी प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश, दिल्ली और अन्य जगहों से खिलाड़ी अलग-अलग वर्ग में हिस्सा लेंगी।