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दुष्कर्म मामले में 29 दिन में फांसी की सजा, मां ने कहा-जैसे मेरी बेटी को मारा उसी तरह चंदन को मिले मौत

Thu, 21 Jan 2021 09:24 AM IST
पूजा त्रिपाठी आशुतोष यादव, अमर उजाला, गाजियाबाद
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दोषी चंदन पांडेय को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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गाजियाबाद में जिस समय कोर्ट ने फैसला सुनाया उस समय वहां मृतक बच्ची के मां-बाप भी मौजूद थे। सजा पर बहस के दौरान बच्ची की मां ने कोर्ट से कहा कि जिस तरह से चंदन ने मेरी बेटी को मारा, उसी तरह उसे भी मौत की सजा दी जाए।

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मां ने अदालत से कहा कि चंदन को मेरी बेटी चाचा कहती थी, लेकिन उसने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। इसलिए इसे मौत से कम सजा न दी जाए। इतना कहने के साथ ही मां अदालत में रो पड़ी। अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद चंदन शांत खड़ा रहा, लेकिन थोड़ी ही देर में उसकी हालत खराब हुई तो अदालत ने पुलिस से बाहर ले जाने को कहा, इसके बाद दोबारा उसे अदालत में पेश किया गया और उसने फैसले पर हस्ताक्षर किया।

पत्नी से भी मारपीट करता था चंदन, पैरवी के लिए नहीं आया कोई
बच्ची के साथ हैवानियत करने वाला चंदन पांडेय गाजियाबाद में अकेले रहता था, वह जब भी बिहार अपने पैतृक गांव मोतिहारी जाता था, अपनी पत्नी से भी मारपीट करता था। वह कभी अपने दोनों बच्चों और पत्नी को गाजियाबाद नहीं लाया था। यह बयान बच्ची की मां ने अदालत में दिया था। अदालत ने भी माना  कि चंदन पांडेय गाजियाबाद में खानाबदोशों की तरह रहता था। परिवार से उसका कोई संपर्क नहीं था। वारदात को अंजाम देने के बाद मुकदमा चलने और सजा सुनाने जाने तक उसके घर से कोई नहीं आया। उसे सरकारी खर्चे पर सरकारी अधिवक्ता द्वारा कानूनी मदद की गई थी।

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आपराधिक मानसिकता का है, सुधरने की गुंजाइश नहीं

अदालत ने सुनवाई के दौरान चंदन का आचरण पता करने के लिए पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी, जिसमें पुलिस ने बताया कि वह अपराधी प्रवृत्ति का है। इसी के चलते वह अबोध बालिका के परिजनों के साथ घुल-मिल गया और बहाने से उसे अपने साथ ले गया था। उसे अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं था। इस आपराधिक मानसिकता के चलते उसके अंदर सुधार की कोई गुंजाइश नहीं थी। अदालत ने माना कि चंदन का आचरण असभ्य एवं अनैतिक है। वह खानाबदोश एवं आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है।

बच्ची के शरीर पर मिले थे 15 घाव
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के गर्दन की हड्डी टूटने के साथ ही शरीर पर आठ बड़े एवं सात छोटे घाव मिले थे। पोस्टमार्टम करने वाली डॉ. सुषमा भारती, डॉ. दिनेश कुमार एवं डॉ. सुधीर कुमार ने भी माना था कि मासूम बच्ची के साथ हैवानियत की गई थी, जिसके कारण शरीर के अंग क्षत-विक्षत हो गए थे। चंदन ने दुष्कर्म करते हुए उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी।
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