अदालत ने सुनवाई के दौरान चंदन का आचरण पता करने के लिए पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी, जिसमें पुलिस ने बताया कि वह अपराधी प्रवृत्ति का है। इसी के चलते वह अबोध बालिका के परिजनों के साथ घुल-मिल गया और बहाने से उसे अपने साथ ले गया था। उसे अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं था। इस आपराधिक मानसिकता के चलते उसके अंदर सुधार की कोई गुंजाइश नहीं थी। अदालत ने माना कि चंदन का आचरण असभ्य एवं अनैतिक है। वह खानाबदोश एवं आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है।
बच्ची के शरीर पर मिले थे 15 घाव
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के गर्दन की हड्डी टूटने के साथ ही शरीर पर आठ बड़े एवं सात छोटे घाव मिले थे। पोस्टमार्टम करने वाली डॉ. सुषमा भारती, डॉ. दिनेश कुमार एवं डॉ. सुधीर कुमार ने भी माना था कि मासूम बच्ची के साथ हैवानियत की गई थी, जिसके कारण शरीर के अंग क्षत-विक्षत हो गए थे। चंदन ने दुष्कर्म करते हुए उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी।