डोर-टू-डोर अभियान को सफल बनाने के लिए पहुंचे कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत कुमार की टीम के सदस्य को विरोध का सामना करना पड़ा। कांग्रेस जिला कार्यालय में बुधवार को हुई बैठक में पीके टीम के सदस्य नतीश द्वारा मांगे गए सुझाव पर कांग्रेस पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं ने जमकर भड़ास निकाली।
किसानों की समस्याओं पर जनता का समर्थन हासिल करने के उद्देश्य से कांग्रेस पार्टी के डोर-टू-डोर अभियान की सफलता के लिए पीके टीम की तीन सदस्यीय टीम की जगह केवल एक सदस्य नतीश पहुंचे। उन्हें जिला कांग्रेस के साथ वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के कडुए सवालों का सामना करना पड़ा।
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व पूर्व एमएलसी हरेंद्र अग्रवाल ने पीके टीम की कार्यप्रणाली से खासे नाराज दिखाई दिए। उन्होंने पीके टीम पर पार्टी पर कब्जा करने और वरिष्ठ पदाधिकारियों की अनदेखी करने की बात कही। वहीं, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हरेंद्र कसाना ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का सम्मान सर्वोपरि है।
उन्होंने कहा कि पीके की टीम के पास वरिष्ठ नेताओं के साथ चुनाव लड़ चुके सभी नेताओं की लिस्ट होनी चाहिए। उनके सुझावों को भी तवज्जो दी जानी चाहिए। बैठक में महानगर अध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज, प्रदेश महासचिव विजेंद्र यादव, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजपाल त्यागी, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता संजीव शर्मा, सतीश त्यागी, महिला विंग जिलाध्यक्ष माया देवी सहित तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बैकफुट पर दिखे पीके टीम के सदस्य नतीश
डोर-टू-डोर अभियान की सफलता का गाजियाबाद में खाका खींचने आए पीके टीम के सदस्य नतीश वरिष्ठ नेताओं के तीखे सवालों से बैकफुट पर नजर आए। पीके टीम पर उठाए गए सवालों पर उन्होंने अपनी सफाई देने के साथ उनकी बात टीम के सीनियर सदस्यों के सामने रखने की बात कही।
पीके टीम के सदस्य केसामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना दुखड़ा भी सुनाया। महिला विंग की जिलाध्यक्ष माया देवी ने कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को पार्टी मंच पर बोलने का मौका नहीं मिलता। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सतीश त्यागी ने भी सभी महिलाओं को बोलने का अवसर देने की बात कही।