अज्ञात भाजपाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, थानों का घेराव-टोल फ्री आंदोलन वापस
साहिबाबाद। गाजीपुर बॉर्डर पर भाजपाई और किसानों में भिड़ंत के मामले में बृहस्पतिवार को पुलिस ने 200 अज्ञात भाजपाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। दिन में भाकियू ने थानों का घेराव और कई टोल फ्री कराए थे। भाजपाइयों ने भी भाकियू के 200 लोगों के खिलाफ अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रदेश के थानों का घेराव और टोल फ्री कराने के एलान के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भाकियू ने घेराव और टोल फ्री कराने की घोषणा वापस ले ली है।
भाकियू के जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई थी। जिसमें आरोप लगाया गया था कि यूपी गेट पर संयुक्त किसान मोर्चा के मंच के पास काफी संख्या में लोग भाजपा के झंडे लेकर मंच की ओर बढ़ रहे थे। इसी के साथ कुछ लोग गाड़ियों में सवार होकर मंच के पास काले झंडे फेंक कर फरार हो गए। आरोप था कि इस पर यहां मौजूद भाजपा कार्यकर्ता ने शोर मचाकर अपशब्द कहते हुए यहां से उठाने की बात कही। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता ढोल बजाते और शोर मचाकर गाली-गलौज करते हुए हाथ में लाठी-डंडे और हथियार लिए हुए थे। इस पर मंच पर मौजूद किसानों और महिलाओं ने काले झंडे दिखाकर सड़क पर शांतिपूर्वक विरोध किया। आरोप है कि शांतिपूर्ण चल रहे आंदोलन को दिनदहाड़े एकत्र होकर किसानों को उकसाने व आंदोलन को बदनाम करने के अलावा किसानों को मारने की नीयत से लाठी-डंडे लेकर हमला किया गया। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में मारपीट की। कई किसान घायल हुए। एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में बलवा मारपीट, धमकी देने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
बुधवार को यूपी गेट पर भाजपा के प्रदेश मंत्री अमित बाल्मीकि के प्रथम आगमन पर स्वागत करने के लिए भाजपा कार्यकर्ता खड़े थे। इस दौरान किसानों और भाजपाइयों में विवाद हो गया। कई गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए। भाजपाइयों की ओर से मामले में कौशांबी थाने और एसएसपी ऑफिस में तहरीर दी गई थी। वहीं शाम के समय भाकियू कार्यकर्ताओं ने कौशांबी थाने में धरना देकर भाजपाइयों के खिलाफ तहरीर दी। रात में भाजपा नेत्री सिद्धी प्रधान अग्रवाल की ओर से मिली तहरीर के आधार पर 200 किसानों के खिलाफ बलवा, मारपीट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।
देर रात भाकियू ने थानों से आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की
भाकियू के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि किसानों का दबाव रंग लाया। गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने हमला करने वाले दंगाइयों के खिलाफ तहरीर दी थी, जिस पर रात में पुलिस प्रशासन द्वारा मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसके बाद भाकियू ने थानों के घेराव का आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।