फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक्सप्रेस ग्रीन में मेंटेनेंस ना होने पर भड़के लोगों ने लगाए बैनर, किया विरोध

विज्ञापन
वैशाली की एक्सप्रेस ग्रीन सोसाइटी में लोगों ने लगाए बैनर - फोटो : GHAZIABAD City
विज्ञापन
एक्सप्रेस ग्रीन में मेंटेनेंस न होने पर भड़के लोग, बैनर लगा किया विरोध
विज्ञापन

साहिबाबाद। वैशाली की एक्सप्रेस ग्रीन सोसायटी में आरडब्ल्यूए को बिल्डर से लिखित सहमति न मिलने से गुस्साए लोगों ने सोसायटी परिसर और बिल्डिंग में बैनर लगा दिए हैं। इस बीच लोगों ने नारेबाजी कर बिल्डर के खिलाफ जमकर रोष व्यक्त किया। वहीं, मेंटेनेंस समेत अन्य मुद्दों पर लिखित समझौता न मिलने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने की चेतावनी दी है।
आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी प्रभात भट्टाचार्य ने बताया कि लोगों का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। रविवार को बिल्डर अमित गोयल के साथ बैठक में लिखित समझौता मिलना था। मगर वह किसी कारण से दो दिनों से नहीं आ रहे हैं। ऐसे में लोगों ने जरूरी कामों के अलावा सभी मुद्दों पर लिखित सहमति न मिलने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने की चेतावनी दी है। इसी क्रम में लोगों ने बिल्डिंग और सोसायटी परिसर में बैनर लगाकर विभिन्न तरह के स्लोगन से गुस्सा जाहिर किया है। जिस पर लिखा है सबसे असुरक्षित सोसायटी एक्सप्रेस ग्रीन वैशाली, हादसे होते रहते हैं, बिल्डिंग की नहीं मरम्मत, लिफ्ट सालों से खराब, घर खरीदिए यहां सपना करे साकार, गली-गली में शोर है-बिल्डिंग ये कमजोर है, जैसे विभिन्न स्लोगन बैनर पर लिखे गए हैं।
विज्ञापन

लोगों ने बताया कि 16 जून को ए ब्लॉक के टॉप फ्लोर पर पानी का टैंक फटने से भारी नुकसान हुआ था। इसके बाद बिल्डर की तरफ से टेम्प्ररी टंकी लगाकर पानी की आपूर्ति दी जा रही है। अगले दिन आरडब्ल्यूए ने बिल्डर के साथ बैठक में एक एमओयू तैयार किया था। इसमें पानी की टंकी, बिल्डिंग की पेंटिंग, मेंटेनेंस कार्य, ए, बी और सी ब्लॉक की लिफ्टों को बदलना, डीजी सेट को ठीक कराया जाए, बिजली और मेंटेनेंस बिल को ठीक कराना आदि सूची में शामिल कर इस पर लिखित सहमति देने के लिए कहा था। मगर अब आरोप है कि बिल्डर दो दिनों से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा है। इससे लोगों में रोष भरा हुआ है।
विज्ञापन

दरअसल 16 जून को एक्सप्रेस ग्रीन सोसायटी में ए ब्लॉक के टॉप फ्लोर पर एक लाख लीटर का पानी का टैंक तेज धमाके के साथ फट गया। इससे करीब 78 फ्लैटों में तेज बहाव के साथ पानी भर गया। 15 से अधिक फ्लैटों की खिड़कियां टूटने से काफी नुकसान हो गया था। लोगों ने बिल्डर पर लापरवाही का आरोप लगाकर कौशांबी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें अमित गोयल, सुमित गोयल, डीडी गोयल, विनीत गोयल और सतीश कुमार को नामजद किया गया। कौशांबी थाना प्रभारी निरीक्षक महेंद्र सिंह, बिल्डर अमित गोयल और पार्षद मनोज गोयल के साथ लोगों की बैठक हुई। इसमें बिल्डिंग मेंटेनेंस, पेंटिंग और अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। जहां अमित गोयल ने सभी मुद्दों पर मौखिक सहमति दे दी थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें