ग्रीन कॉरिडोर बनाकर रेफर हुए मरीज को नहीं मिली दिल्ली के अस्पताल में बेड
साहिबाबाद। मेडिकल उपकरण बनाने की फैक्टरी में आग लगने के बाद झुलसे लोगों को प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने देर रात ग्रीन कॉरिडोर बनाकर दिल्ली रेफर किया था। लेकिन इनमें से एक मरीज को वहां अस्पताल में बेड न मिलने पर वापस लौटना पड़ा। अब वैशाली के मैक्स अस्पताल में डॉक्टरों की टीम मरीज की निगरानी कर रही है। अस्पताल प्रबंधन अधिकारियों से फिर से मरीज को दिल्ली रेफर करने के लिए वार्ता कर रहा है।
मूलरूप से सीतापुर के रहने वाले कोमल ने बताया कि वह नोएडा की निजी कंपनी में काम करते हैं। जबकि उनके दो भाई मोहित और विश्वनाथ साइट चार की मेडिकल उपकरण बनाने की फैक्टरी में काम करते हैं। दोनों भाई महाराजपुर में किराए के मकान में रहते हैं। कोमल ने बताया कि रात में घटना की सूचना मिलने के बाद वह अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि रात करीब ढाई बजे मोहित व विश्वनाथ को अधिकारियों ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर दिल्ली के अस्पताल में रेफर कराया था। विश्वनाथ को तो दिल्ली के अस्पताल में बेड मिल गई। मगर मोहित को बेड न मिलने से काफी परेशानी हुई। इस पर परिजन सुबह करीब पांच बजे फिर से मोहित को झुलसी हालत में वैशाली के मैक्स अस्पताल लेकर लौट आए। अस्पताल के डॉक्टरों ने मोहित को भर्ती कर लिया।
बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े 12 बजे डीएम अजय शंकर पांडेय और एसएसपी कलानिधि नैथानी व अन्य अधिकारियों ने यशोदा अस्पताल और मैक्स अस्पताल में भर्ती झुलसे मरीजों को ग्रीन कॉरिडोर बनवाकर दिल्ली रेफर कराया था। उधर, मैक्स अस्पताल की मेडिकल सुप्रीटेंडेंट डॉ. निधि ने बताया कि मोहित के इलाज में निगरानी रखने के लिए डॉक्टर की टीम जुटी हुई है। लेकिन उसे दिल्ली के अस्पताल में बर्न वार्ड में भर्ती कराने के लिए प्रशासन के अधिकारियों से लगातार बात की जा रही है। अस्पताल में बेड की व्यवस्था होते ही मोहित को रेफर कर दिया जाएगा।