आग में झुलसे कंपनी मालिक की मौत, बिना लाइसेंस चल रही थी फैक्टरी
साहिबाबाद। पीपीई किट, मास्क और अन्य मेडिकल उपकरण बनाने वाली फैक्टरी में लगी आग में झुलसे फैक्टरी मालिक कुनाल बहल की शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। अन्य 11 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। जबकि दो को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। फैक्टरी में मेडिकल उपकरणों का उत्पादन अवैध रूप से हो रहा था। वहीं, हादसे में झुलसे एक कर्मचारी के भाई ने फैक्टरी मालिक के खिलाफ लिंक रोड थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का प्रयास की धारा में मुकदमा दर्ज किया है।
बरी जानकी रेउसा जिला सीतापुर निवासी रोहित ने तहरीर में आरोप लगाया कि उनके भाई मोहित, उनके ताऊ का बेटा विश्वनाथ साइट चार स्थित कुनाल बहल की फैक्टरी में काम करते हैं। आरोप है कि 11 मार्च की रात को मोहित व विश्वनाथ अन्य कर्मचारियों के साथ फैक्टरी में काम कर रहे थे। इस दौरान फैक्टरी मालिक ने गरम हो रहे केमिकल में ऊपर से अधिक मात्रा में केमिकल डलवा दिया, इससे केमिकल में धमाका हो गया और आग लग गई। आग की चपेट में आने से मोहित व विश्वनाथ के साथ अन्य कर्मचारी झुलस गए। जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। रोहित का आरोप है कि फैक्टरी मालिक द्वारा जानबूझकर सभी की जान जोखिम में डाली गई है।
सीओ साहिबाबाद आलोक दुबे ने बताया कि पीड़ित के भाई की तहरीर पर फैक्टरी मालिक कुनाल बहल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। धारा 308 के तहत यह मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, सुबह इलाज के दौरान मालिक कुनाल बहल की मौत हो गई। अन्य 11 घायलों का इलाज चल रहा है। दो को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
हिंडन श्मशान घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
फैक्टरी मालिक कुनाल बहल इंदिरापुरम के नीतिखंड-दो में अपने माता पिता, सास ससुर और सात वर्षीय बेटे अर्जुन व 12 वर्षीय बेटी जैसमीन, पत्नी सतनाम कौर के साथ रहते थे। दिल्ली में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। गमगीन माहौल में शुक्रवार शाम करीब साढ़े चार बजे शव का हिंडन श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। कुनाल के बेटे अर्जुन (7) ने मुखाग्नि दी। कुनाल के दोस्त अमित मिश्रा ने बताया कि कुनाल के भाई आस्ट्रेलिया में परिवार के साथ रहते हैं। कुनाल कई सालों से मेडिकल उपकरण बनाने की फैक्टरी चला रहे थे। उनकी पत्नी भी फैक्टरी में जाकर उनकी मदद करती थीं। अमित ने बताया कि कंपनी में जब आग लगी थी तो सबसे पहले गार्ड ने सतनाम कौर को सूचना दी। इसके बाद सतनाम मौके पर पहुंची और वहीं से सभी दोस्तों को फोन पर घटना की जानकारी दी। अमित के मुताबिक, शनिवार को परिजन व वह आग से झुलसे श्रमिकों से मिलने अस्पताल जा सकते हैं।
इनका चल रहा इलाज
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जावेद निवासी महाराजपुर, विवेक निवासी छोटी मस्जिद महाराजपुर, अरविंद तिवारी निवासी गाजीपुर दिल्ली, शकीबुल, सुशील, सद्दाम हसन, सैफुल, राशिद, निवासी महाराजपुर का इलाज चल रहा है। जबकि विश्वनाथ और ट्विंकल का राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा है। शिवि और विवेक अहलावत निवासी गोविंदपुरम को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। मोहित का वैशाली के मैक्स अस्पताल में इलाज चल रहा है।