फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मॉडलिंग के क्षेत्र में अर्शी बढ़ा रहीं सफलता के कदम

विज्ञापन
ॉडल अर्शी अग्रवाल - फोटो : GHAZIABAD City
विज्ञापन
मॉडलिंग के क्षेत्र में अर्शी बढ़ा रहीं सफलता के कदम
विज्ञापन

मॉडलिंग के क्षेत्र में सफलता के कदम बढ़ा रहीं अर्शी अग्रवाल राजेंद्र नगर स्थित डीएवी स्कूल में 12वीं की छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ-साथ वह खेल में भी रुचि रखती हैं। मॉडल बनकर वह भारत का नाम रोशन करना चाहती हैं। पिता शलभ अग्रवाल एलआईसी में डेवलपमेंट ऑफिसर हैं। अर्शी बताती हैं कि उन्होंने वर्ष 2019 में इंटरनेशनल फैशन फ्यूजन (आईआईएफ) में शामिल होकर मिस फोटोजनिक का खिताब अपने नाम किया। वर्ष 2019 में ही राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित स्पॉर्कलिंग प्रिंस-प्रिंसेस में सेकेंड रनरअप का खिताब अपने नाम कर प्रदेश का नाम रोशन किया। वर्ष 2019-20 में ग्लोबल मिस्टर-मिस एशिया इंटरनेशनल इंडिया में बेस्ट अट्रेक्टिव पर्सनेलिटी अवॉर्ड जीतकर देश व परिवार का नाम रोशन किया। अर्शी का कहना है कि वह शुरू से ही मॉडल बनने का सपना देखती थीं। वर्ष 2019 से ही उन्होंने मॉडलिंग के क्षेत्र में करिअर बनाने की शुरुआत की। सिर्फ इतना ही नहीं कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के दौरान भी उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित वर्चुअल फैशन शो में बेस्ट आई मेकअप के लिए सेकेंड रनरअप की ट्रॉफी अपने नाम की। वर्ष 2021 में ऑल इंडिया डीएवी यूनिवर्सिटी कॉम्पटीशन के यूथ फेयर 2021 में मिस यूथ फेयर की विजेता बनीं। वह कक्षा 11वीं से ही मॉडल बनने की शुरुआत कर चुकी हैं।
राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित हो चुकीं सुमन
मुरादनगर के अजबपुर गांव में प्राइमरी स्कूल की असिस्टेंट टीचर सुमन वसुंधरा सेक्टर-5 में परिवार के साथ रहती हैं। उन्होंने सर्व शिक्षा अभियान को सफल बनाने के लिए स्कूली बच्चों के लिए वर्ष 2019 में स्मार्ट क्लास बना दी। जिसमें पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चे प्रोजेक्टर के जरिए स्क्रीन पर पढ़ाई करते हैं। इसके लिए उन्होंने साढ़े पांच हजार का निजी खर्चा किया। इंफॉर्मेंशन एंड टेक्नोलॉजी के लिए उन्हें राज्य स्तर पर आईसीटी स्टेट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वर्ष 2020 में उनका जनपद से राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयन हुआ है। यह अवॉर्ड उन्हें राज्यपाल, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के हाथों मिलना है। सुमन के मुताबिक, बच्चों के लिए वह टीचिंग लर्निंग मटेरियल तैयार करती हैं। वर्ष 2020 जनवरी में मिशन शिक्षा संवाद कार्यक्रम लखनऊ में उन्हें बेसिक शिक्षा विभाग के डायरेक्टर ने अवॉर्ड देकर सम्मानित किया। स्कूल में बच्चों के साथ पर्यावरण को स्वच्छ करने के लिए पुराने कपड़ों से 500 बैग तैयार करने पर उन्हें ग्रीन मेंटोर अवॉर्ड से नवाजा गया। अब वह रोजगार प्रद शिक्षा के तहत बच्चों व उनके अभिभावकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वेस्ट मटेरियल से विभिन्न तरह के सामान तैयार कराती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

विदेशी खिलाड़ियों को मात देकर तिरंगा लहरा रहीं अदिति भट्ट
इंडियन बैडमिंटन प्लेयर अदिति भट्ट वसुंधरा सेक्टर-17सी में पिता मनोज भट्ट और माता पूनम के साथ रहती हैं। वह जूनियर इंडियन टीम में शामिल होकर देश ही नहीं बल्कि विदेश की सरजमीं पर कई बार भारतीय तिरंगे की शान बढ़ा चुकी हैं। वह नोएडा के बाल भारती पब्लिक स्कूल में कक्षा 12वीं की पढ़ाई कर रही हैं। बताया गया कि अदिति का चयन टॉप डेवलपमेंट ग्रुप में 2024 और 2028 ओलंपिक की तैयारियों के लिए हो गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अदिति ने कजान रशिया में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2019 में दुबई ओपन इंटरनेशनल जूनियर टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया। बुलगेरियन ओपन इंटरनेशनल जूनियर बैडमिंटन टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल विजेता रहीं। वर्ष 2019 चाइना में जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2018 म्यांमार में आयोजित एशियन जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में अंडर-17 गर्ल्स कैटेगरी में कांस्य पदक अपने नाम किया। वर्ष 2018 कनाडा में वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप, वर्ष 2017 म्यांमार में एशियन सब जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप और वर्ष 2016 जापान में एक्सचेंज प्रोग्राम में भारत का प्रतिनिधित्व किया। अदिति की इस उपलब्धि से परिवार और प्रदेश के लोग गर्व महसूस करते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें