केस वापस नहीं लेने पर गोलियां बरसाकर ससुर का एलानिया हत्या
लोनी। कोतवालपुर गांव में शनिवार तड़के तीन बजे रिटायर्ड डीडीए कर्मचारी श्योराज कसाना (64) की उनके दामाद त्रिलोक व उसके दो साथियों ने गोलियों से भूनकर एलानिया हत्या कर दी। त्रिलोक दिल्ली के करावलनगर का रहने वाला है। त्रिलोक द्वारा दूसरी शादी करने पर श्योराज कसाना ने उसके खिलाफ कुछ माह पहले दिल्ली में मुकदमा दर्ज कराया था। त्रिलोक मुकदमा वापस न लेने पर फोन पर हत्या की धमकी दे रहा था। परिजनों ने त्रिलोक समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है।
गांव कोतवालपुर में श्योराज कसाना (64) परिवार के साथ रहते थे। उनका बड़ा बेटा सनोज सीआईएसएफ का जवान है, जबकिं छोटा बेटा विनोद ठेकेदार है। श्योराज ने अपनी एक बेटी सुनीता की शादी दादरी में और दो बेटियों पूनम व पिंकी की शादी करीब 9 साल पहले दिल्ली के करावलनगर निवासी दो भाइयों कपिल और त्रिलोक के साथ की थी। परिजनों ने बताया कि त्रिलोक ने दूसरी शादी कर ली थी। इसे लेकर कुछ माह से दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था। श्योराज ने दिल्ली के थाने में त्रिलोक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज होने पर दोनों पक्षों में और विवाद बढ़ गया था। परिवार के लोगों का आरोप है कि त्रिलोक बार-बार मुकदमे को वापस लेने की धमकी दे रहा था, लेकिन श्योराज के परिवार ने मुकदमा वापस लेने से इंकार कर दिया था। इसे लेकर त्रिलोक गुस्से में था। शनिवार तड़के करीब तीन बजे त्रिलोक कार में तीन साथियों के साथ श्योराज के घर का गेट बजाने लगे। श्योराज सिंह ने जैसे ही गेट खोला बदमाशों ने गोलियां बरसा दीं। घटना को अंजाम देकर आरोपी कार से भाग गए, जिन्हें ग्रामीणों ने देख लिया। परिजन लहूलुहान हालत में श्योराज को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दोपहर में थी भाई के रिटायरमेंट की पार्टी
श्योराज के भाई रतिराम जीटीबी अस्पताल में कार्यरत थे। शनिवार को सेवानिवृत्त होने पर दोपहर में गांव में पार्टी होनी थी। शनिवार को श्योराज की बेटी पिंकी अपने मायके आ गई थी, जबकि रविवार को पूनम को घर आना था। परिवार के सदस्य शनिवार को होने वाली पार्टी की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही सुबह श्योराज कसाना की हत्या कर दी गई।
मौके पर पहुंचे अधिकारी, फोरेंसिक टीम भी पहुंची
गोली चलने की सूचना गांव के लोगों ने पुलिस को दी। तड़के ही एसपी देहात डॉ. ईरज राजा, एसएचओ ओपी सिंह ने घटनास्थल का मुआयना किया। फोरेंसिक टीम को बुलाया गया, जिसने पिस्टल और तमंचे के खोखे कब्जे में लिए। एसपी देहात ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। टीम गठित कर दबिश दी जा रही है।
बेटे की हत्या करने आए थे, पिता को मारकर भाग गए
लोनी। त्रिलोक का मकसद ससुर श्योराज कसाना की हत्या नहीं, बल्कि साले विनोद को मौत के घाट उतारना था। त्रिलोक ने विनोद को घर के बाहर बुलाने के लिए उसे दो बार कॉल भी की थी, लेकिन उसने कॉल रिसीव नहीं की। तड़के तीन बजे घर पहुंचकर भी त्रिलोक ने विनोद को ही आवाज लगाई थी, लेकिन श्योराज सिंह सामने आ गए। गेट खुलते ही त्रिलोक व उसके साथियों ने उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया। विनोद का कहना है कि उनके जीजा त्रिलोक ने दूसरी शादी कर ली थी। इसके बाद वह उनकी बहन को परेशान रखता था। विनोद के मुताबिक, दिल्ली में दर्ज केस की पैरवी भी वह ही कर रहे थे। त्रिलोक उन्हें व परिवार के अन्य लोगों को हत्या की धमकी दे रहा था।
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में शुक्रवार रात कीर्तन चल रहा था। घटना से कुछ देर पहले ही कीर्तन खत्म हुआ था। सभी लोग अपने घर जा रहे थे। गांव के लोगों ने बताया कि रात करीब तीन बजे एक कार गांव में आई। पहले तो कार श्योराज के घर आगे होकर चली गई। फिर वापस आई और गोली बरसाकर चली गई। विनोद ने बताया कि रात में उनके फोन पर त्रिलोक की कॉल आई थी, लेकिन उन्होंने उठाई नहीं थी। विनोद ने गांव के ही कुछ लोगों से भी उनकी हत्या की बात कही थी। विनोद ने बताया कि त्रिलोक ने उनके बड़े जीजा को मारने की धमकी भी दी थी। उसने निठौरा गांव के कुछ लोगों से भी धमकी दिलवाई थी कि मान जाओ वरना खेल खत्म कर दिया जाएगा, लेकिन उन्होंने कानून के सहारे लड़ाई लड़ने की बात कही थी। विनोद ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दिल्ली कोर्ट और वुमेन सेल भी केस डाल रखा था और बहन की सुरक्षा की भी अर्जी लगा रखी थी।
शव सड़क पर रखकर जाम लगाने का प्रयास
पोस्टमार्टम के बाद शनिवार शाम परिजन शव को लेकर लोनी पहुंचे। उन्होंने टीला मोड़ थाने के पास एंबुलेस को रोककर शव सड़क पर रखकर जाम लगाने की कोशिश की, लेकिन समय रहते टीला मोड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। टीला मोड़ एसएचओ रण सिंह ने बताया कि जाम लगाने नहीं दिया है। परिजनों को समझाकर वापस भेज दिया गया।