यूपी गेट पर आंदोलन में शामिल किसान की मौत
साहिबाबाद। यूपी गेट पर चल रहे किसान आंदोलन में शामिल बागपत के किसान गल्तान सिंह (57) की शुक्रवार को मौत हो गई। वह सुबह किसानों के साथ सफाई अभियान में शामिल हुए। दोपहर में सांस लेने में तकलीफ होने पर उन्हें परिवार के लोग गाड़ी से दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। यूपी गेट पर राकेश टिकैत समेत सभी किसानों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी। भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक का कहना है कि किसान गल्तान सिंह की मौत ठंड लगने के कारण हार्टअटैक से हुई है।
कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का पिछले 37 दिनों से यूपी गेट पर आंदोलन चल रहा है। बागपत के भगवानपुर निवासी मोनू पंवार 27 नवंबर से आंदोलन में अपने ताऊ आजाद और सौरव व अन्य के साथ शामिल हैं। मोनू ने बताया कि तीन दिन पूर्व उनके पिता गल्तान सिंह पंवार (57) भी यूपी गेट आ गए। जबकि मोनू ने उम्र ज्यादा होने की वजह से उन्हें सर्दी में घर से बाहर निकलने से मना किया था। आजाद ने बताया कि उनके भाई गल्तान सिंह बृहस्पतिवार रात अलाव जलाकर ट्रैक्टर-ट्रॉली के पास सड़क पर सोए थे। इससे उन्हें सर्दी लग गई। शुक्रवार को सुबह से ही उनकी तबीयत खराब हो रही थी। सुबह वह किसानों के साथ सफाई अभियान में शामिल हुए। इस दौरान उन्हें सांस लेने में परेशानी होने पर एक मेडिकल कैंप से दवाई भी दिलाई गई थी। लेकिन दोपहर में अचानक तबीयत ज्यादा खराब हो गई। इसके बाद उन्हें दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल लेकर जा रहे थे, मगर रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। एक निजी डॉक्टर को दिखाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
इस बीच भाकियू के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने जारी बयान में कहा कि सरकार के अहम के कारण एक आंदोलनरत किसान की मौत हो गई। बागपत के भगवानपुर नांगल निवासी गल्तान सिंह की ठंड लगने के कारण हार्टअटैक से मौत हुई है। उनका कहना है कि आंदोलन में अभी तक 46 से अधिक किसान जान गंवा चुके हैं लेकिन सरकार अपनी जिद पर अड़ी है। इस आंदोलन में किसान कुर्बानी देने के बाद भी पीछे हटने वाला नहीं है। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार किसानों के धैर्य की परीक्षा न ले। सरकार के इस रवैये का फल इन्हें जरूर मिलेगा। देश का किसान समय आने जरूर चोट करेगा।
उधर, किसान की मौत की सूचना मिलने के बाद यूपी गेट पर किसानों में शोक की लहर छा गई। सभी किसान यूपी गेट अंडरपास में इकट्ठा हुए और वहां राकेश टिकैत, गौरव टिकैत, राजबीर सिंह, राजवीर सिंह जादौन, चौ. बिजेंद्र सिंह, तजिंदर सिंह विर्क, धर्मेंद्र मलिक, शमशेर राणा समेत आदि किसानों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद परिवार के लोग शव को लेकर गांव चले गए।