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निठारी कांड : 15वें मामले में भी सुरेंद्र कोली बरी

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निठारी कांड : 15वें मामले में भी सुरेंद्र कोली बरी
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गाजियाबाद। नोएडा के निठारी कांड के 15वें मामले में सीबीआई कोर्ट ने बृहस्पतिवार को साक्ष्यों के अभाव में सुरेंद्र कोली को बरी कर दिया। सुनवाई के दौरान सीबीआई द्वारा पेश किए गए साक्ष्य अपर्याप्त पाए गए। सीबीआई ने ढाई वर्षीय बच्चे के अपहरण, हत्या और साक्ष्य मिटाने का आरोप लगाते हुए कोली के खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश की थी। इसके पहले भी सुरेंद्र कोली दो मामलों में बरी हो चुका है। 12 मामलों में सुरेंद्र को फांसी की सजा हो चुकी है।
सीबीआई के लोक अभियोजक ने बताया कि 27 अप्रैल 2006 को ढाई वर्षीय एक बच्चा गायब हो गया था। मामले में उसके पिता ने नोएडा के थाना सेक्टर-20 में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। दिसंबर 2006 में निठारी के मोनिंदर सिंह पंधेर की कोठी के पीछे 19 बच्चों और महिलाओं के कंकाल मिले थे। 17 मामलों में सीबीआई ने चार्जशीट पेश की थी, जबकि दो मामलों में कोई साक्ष्य नहीं मिलने पर क्लोजर रिपोर्ट लगा दी थी। पुलिस ने मोनिंदर सिंह और सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया था। बच्चे के अपहरण, हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में सीबीआई ने सुरेंद्र कोली के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया था।
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जब रातोंरात टल गई थी फांसी
9 सितंबर 2014 सुरेंद्र कोली को मेरठ जेल में फांसी दी जानी थी। कोली को मेरठ जेल की एक हाई सिक्योरिटी वाली बैरक में रखा गया। तैयारी लगभग पूरी हो चुकी थीं। इसी बीच सुरेंद्र कोली की फांसी पर रोक से संबंधित सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर जेल प्रशासन को तड़के तकरीबन चार बजे मेरठ के डीएम के जरिये मिला। इस बात की जानकारी खुद तत्कालीन वरिष्ठ जेल अधीक्षक मोहम्मद हुसैन मुस्तफा ने दी थी।
निठारी कांड : कब क्या हुआ
29 दिसंबर 2006 : नोएडा में मोनिंदर सिंह पंधेर के घर के पीछे नाले से 19 बच्चों और महिलाओं के कंकाल मिले।
29 दिसंबर 2006 : मोनिंदर सिंह पंधेर और सुरेंदर कोली को गिरफ्तार किया गया।
30 दिसंबर 2006 : सीबीआई को मानव हड्डियों के कुछ हिस्से और 40 ऐसे पैकेट मिले, जिनमें मानव अंगों को भरकर फेंका गया था।
31 दिसंबर 2006 : दो पुलिस कांस्टेबल को बर्खास्त किया गया।
5 जनवरी 2007 : पंधेर और कोली को पुलिस नार्को टेस्ट के लिए गांधीनगर लेकर गई।
10 जनवरी 2007 : सीबीआई ने मोनिंदर पंधेर और सुरेंद्र कोली से पूछताछ की। कुछ ही दिनों में जांच करने के लिए निठारी पहुंची। पंढेर के घर के आसपास और भी हड्डियां बरामद की गईं।
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25 जनवरी 2007 : पंधेर और कोली के साथ गाजियाबाद कोर्ट परिसर में मारपीट हुई। सीबीआई दोनों को पेश करने के लिए अदालत लाई थी।
7 अप्रैल 2007 : मृतका के कंकाल की शिनाख्त उसके सलवार सूट और चप्पलों के जरिये हुई। बाद में कोली ने बालों के क्लिप को भी पहचाना।
8 फरवरी 2007 : कोली और पंधेर को 14 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा गया।
मई 2007 : सीबीआई ने पंधेर को अपनी चार्जशीट में अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपमुक्त कर दिया था। दो माह बाद अदालत की फटकार के बाद सीबीआई ने पंधेर को मामले में सहअभियुक्त बनाया।
सजा कब-कब हुई
13 जनवरी 2021 - आरोप मुक्त
06 जनवरी 2021 - आरोप मुक्त
26 मार्च 2021 - आरोप मुक्त
08 दिसंबर 2017 - मृत्युदंड -पंधेर को तीसरी बार फांसी
24 जुलाई 2017 - मृत्युदंड -पंधेर को दूसरी बार फांसी
16 दिसंबर 2016 - मृत्युदंड
08 अक्तूबर 2016 - मृत्युदंड
24 दिसंबर 2012 - मृत्युदंड
22 दिसंबर 2010 - मृत्युदंड
12 मई 2010 - मृत्युदंड
28 अक्तूबर 2010 मृत्युदंड
13 फरवरी 2009 - मृत्युदंड पंधेर को पहली बार फांसी की सजा
नोट: अधिकांश मामलों में अपहरण के बाद हत्या, दुष्कर्म व दुष्कर्म का प्रयास और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में सजा हुई है।
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