सरकारी जमीन पर बन गए मकान, सोते रहे अधिकारी
गाजियाबाद। मरियम नगर में नगर निगम की सरकारी जमीन पर बीते ढाई दशक में कब्जे कर 123 मकान बना लिए गए, लेकिन अधिकारी सोते रहे। अब लैंड बैंक बनाने की तैयारी में जुटे नगर निगम ने सर्वे किया तो सरकारी जमीन पर कब्जे की जानकारी मिली। नगर निगम ने अब इन मकानों को हटाने के लिए तहसील के माध्यम से नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके विरोध में कॉलोनी के लोग उतर आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके पास पक्की रजिस्ट्री है, नगर निगम की ओर से यहां पानी, सीवर, लाइट की सभी सुविधाएं दी गई हैं। स्थानीय लोग नगर निगम में वर्षों से हाउस टैक्स भी जमा करा रहे हैं। उनका कहना है कि मकानों को न तोड़े जाने की गुहार लगाकर डीएम को ज्ञापन भी दिया गया है।
मरियम नगर में रविवार को भाकियू भानु के नेताओं की पंचायत हुई। नगर निगम द्वारा कॉलोनी में वर्षों से रह रहे लोगों को उनके मकान को एलएमसी की जमीन पर बने होने और नोटिस भेजने पर पंचायत में किसान नेताओं ने नाराजगी जताई। यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता मास्टर मनोज नागर ने कहा कि नगर निगम और प्रशासन लोगों को परेशान कर रहा है। कहा कि कॉलोनी में 25 वर्ष से रह रहे हैं। दाखिल खारिज होने, हाउस टैक्स देने, बिजली का बिल जमा करने के बावजूद नगर निगम नोटिस भेज रहा है। जमीन को एलएमसी बताकर लोगों को उजाड़ रहा है। यदि उत्पीड़न न रोका गया तो आठ दिसंबर को किसान नगर निगम का घेराव करेंगे। इस मौके पर जिला अध्यक्ष प्रमोद त्यागी, जय प्रकाश त्यागी, ओम दत्त शर्मा, हरिकिशन रहे व कॉलेानी के काफी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।