शारीरिक शक्ति बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक पाउडर से खाने से सुन्न पड़ा शरीर
गाजियाबाद। शारीरिक शक्ति बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक दवा कंपनी के पाउडर का सेवन करना संजयनगर सेक्टर-23 निवासी यूनानी डॉक्टर मुईनुद्दीन को भारी पड़ गया। शरीर सुन्न होने और हार्ट बीट कम होने के कारण दिल का ऑपरेशन कराना पड़ा। दिल्ली के अस्पताल में पेस मेकर लगवाने से डॉक्टर की जान बची। डॉक्टर ने आयुर्वेदिक दवा कंपनी पर केस कराने के लिए पुलिस में शिकायत की है।
एचआईजी फ्लैट संजयनगर सेक्टर-23 में रहने वाले डॉ. मुईनुद्दीन का कहना है कि वह मैसर्स एपीजे कलाम डिस्पेंसरी चलाते हैं। उन्होंने श्रीकृष्णा काम्पलेक्स स्थित एक मेडिकल स्टोर से मोहननगर स्थित एक आयुर्वेदिक दवा कंपनी का पाउडर लिया था। 17 अक्तूबर को उन्होंने रात में दो ग्राम पाउडर का सेवन किया। उसे खाते ही उनका शरीर सुन्न पड़ने लगा, जिसके चलते वह रातभर परेशान रहे। हालत बिगड़ने पर 18 अक्तूबर की सुबह उन्हें सर्वोदय अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। ईसीजी में दिल की धड़कन आने पर उन्हें दिल्ली के पंत अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां, मशीन खराब होने के कारण दिल्ली के राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भेज दिया गया। वहां उन्हें दिल का ऑपरेशन कराकर पेस मेकर डलवाने पड़े, जिसमें साढ़े पांच लाख रुपये बिल आया।
तीन मरीजों की भी हालत बिगड़ी
मुईनुद्दीन का कहना है कि उन्होंने कैलाभट्ठा, गुलधर और डासना निवासी अपने तीन मरीजों को भी यह पाउडर दिया था। उन्होंने भी शरीर सुन्न होने और बेहोश होने की शिकायत की। तीनों मरीजों को अस्पताल जाकर अपना उपचार कराना पड़ा, तब जाकर उनकी तबीयत में सुधार हुआ। मुईनुद्दीन का कहना है कि उन्होंने मधुबन बापूधाम थाने में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। वहां मधुबन बापूधाम पुलिस ने मामला नगर कोतवाली क्षेत्र का बताते हुए जांच वहां भेजने की रिपोर्ट सबमिट कर दी। मुईनुद्दीन का कहना है कि उनके पास अभी नगर कोतवाली पुलिस से कोई सूचना या कॉल नहीं आई है। एसपी सिटी निपुण अग्रवाल का कहना है कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है। दोनों थानों की पुलिस से रिपोर्ट लेकर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत करने पर स्टाक से हटा लिया पाउडर
मुईनुद्दीन के मुताबिक उन्होंने पाउडर बनाने वाली आयुर्वेदिक दवा कंपनी के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत की तो उन्होंने पाउडर में कोई कमी न होने का दावा किया। लेकिन इसके बाद कंपनी ने ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स और मेडिकल स्टोर से अपना स्टॉक हटा लिया।