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गीले कूड़े से बनेगी बायो गैस और सीएनजी

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गीले कूड़े से बायो ईंधन बनाने के प्लांट के बारे में नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर को जानकारी देते ?
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गीले कूड़े से बनेगी बायो गैस और सीएनजी
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गाजियाबाद। महानगर की बड़ी सब्जी मंडियों, बहुमंजिला सोसायटियों, होटल-रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल से निकलने वाले गीले कूड़े से बायो गैस, डीजल और सीएनजी बनेगी। कूड़ा निस्तारण में सबसे ज्यादा परेशानी का सबब बन रहे गीले कूड़े की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम ने कदम बढ़ाया है। गीले कूड़े के निस्तारण और उससे बायो ईंधन बनाने के लिए लंदन की कंपनी 100 करोड़ की लागत से प्लांट स्थापित करेगी। प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 200 टन गीला कूड़ा निस्तारण की होगी। भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय, पेट्रोलियम मंत्रालय के पायलट प्रोजेक्ट के तहत कंपनी ने सोमवार को नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर के सामने प्रजेंटेशन दिया।
राजनगर एक्सटेंशन में लगेगा प्लांट, चार माह में होगा तैयार
नगर आयुक्त ने कंपनी प्रतिनिधियों से एक सप्ताह के अंदर प्लांट और उसके संचालन संबंधी एक सप्ताह में विस्तृत प्रपोजल जमा करने के निर्देश दिए हैं। प्लांट के लिए कंपनी की मांग के अनुसार राजनगर एक्सटेंशन में पांच एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जा सकती है। प्रपोजल जमा होने और उस पर मंथन के बाद प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए पहले निगम कार्यकारिणी बैठक में रखा जाएगा। बैठक में स्वीकृति मिलने के बाद कंपनी ने तीन से चार माह में प्लांट को तैयार कर काम शुरू करने की बात कही है।
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कूड़ा देने पर मिलेंगे बायो कैश प्वॉइंट
निगम अधिकारियों के सामने वर्तमान में सबसे बड़ी चुनौती शहरवासियों को गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग कर उन्हें उपलब्ध करवाने की है। लेकिन गीला कूड़ा कलेक्शन में कंपनी की योजना लोगों को गीला कूड़ा अलग करने को प्रोत्साहित करेगी। डोर टू डोर गीला कूड़ा एकत्रित करने के बाद कंपनी की ओर से लोगों को बायो कैश प्वॉइंट दिए जाएंगे। प्लांट की शुरुआत के साथ ही कंपनी बायो डीजल, गैस और सीएनजी के केंद्र स्थापित करेगी। फिर बायो कैश प्वॉइंट को इन केंद्रों पर इस्तेमाल कर ईधन खरीद में 50 फीसदी तक की छूट पाई जा सकती है।
तीन राज्यों में चार प्लांट हो रहे संचालित
गीले कूड़े से बायो ईधन बनाने वाली कंपनी के वर्तमान में महाराष्ट्र में दो, दिल्ली और हरियाणा में एक-एक प्लांट संचालित हो रहे हैं। अगर प्रोजेक्ट आगे बढ़ता है तो यह उत्तर प्रदेश का पहला प्लांट होगा।
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जागरुकता अभियान भी चलाया जा रहा
निगम गीला व सूखा कूड़ा अलग करके देने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है, लेकिन अभी पूरी तरह से सफलता नहीं मिली है। अगर गीले कूड़े का निस्तारण हो जाता है तो समस्या 60 फीसदी अपने आप खत्म हो जाएगी। ऐसे में पायलट प्रोजेक्ट के तहत कंपनी ने प्रजेंटेशन दिया है। एक सप्ताह में विस्तृत प्रस्ताव आने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- महेंद्र सिंह तंवर, नगर आयुक्त
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