कोविड वैक्सीन चोरी मामले में स्टाफ को क्लीन चिट, डीएम को सौंपी रिपोर्ट
गाजियाबाद। कोविड वैक्सीन चोरी मामले में गठित की गई जांच समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी, जिसे डीएम को भेज दी गई है। जांच करने वाली टीम के एक सदस्य ने बताया कि वैक्सीन का एक भी डोज मिस मैच नहीं है, अगर समिति की रिपोर्ट मान ली जाए तो ग्रेटर नोएडा में स्टाफ के पास मिली 19 वायल वैक्सीन कहां से आई। इसका जवाब किसी के पास नहीं है। जबकि गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि नगरीय स्वास्थ्य केंद्र बुद्ध विहार पर कार्यरत नर्स ने उपलब्ध कराया था। एएनएम ने नोटिस के बावजूद अपना जवाब दाखिल नहीं किया। इस मामले में समिति ने आठ लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था, छह स्टाफ ने नोटिस का जवाब दिया था।
स्वास्थ्य विभाग के जानकारों का कहना है कि जांच में कई लोगों को बचाने का प्रयास किया गया है। अगर वैक्सीन मिस मैच हो जाती तो जिले के कई अधिकारियों पर गाज गिरना तय था। वैक्सीन की गड़बड़ी को लेकर जिस अधिकारी पर कार्रवाई की आशंका थी, उसी को जांच समिति में शामिल किया गया। ऐसे में वैक्सीन मिच मैच मिलने की कोई संभावना ही नहीं थी। जबकि पुलिस के पास 19 वायल वैक्सीन बरामद हुई थी।
नगरीय स्वास्थ्य केंद्र पर बुद्ध विहार पर कार्यरत सुशील और उसके साथी रवि को इकोटेक पुलिस ने 27 सितंबर को खेड़ा चौगानपुर क्षेत्र गिरफ्तार किया था। उनके पास से वैक्सीन की 19 वॉयल और 155 सीरींज बरामद हुई थी। आरोप था कि दोनों घर - घर जाकर लोगों को वैक्सीन लगा रहे थे। गाजियाबाद स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में एक एएनएम रीना और सुशील को बर्खास्त कर जांच शुरू की थी।
जांच अधिकारी व नगरीय स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि पीएचसी पर तीन एएनएम और एक स्टाफ नर्स की नियुक्ति थी। घटना के 10 दिन पहले दो एएनएम और स्टाफ नर्स को दूसरी जगह ड्यूटी पर भेजा गया था। वहां केवल रीना की ड्यूटी थी और वैक्सीन की पूरी जिम्मेदारी भी उसी पर थी। पकड़े गए आरोपियों ने रीना से वैक्सीन लेने की बात बताई थी। इसी आधार पर रीना को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उसने न कोई जवाब दिया और न घर पर मिली। कई दिन इंतजार करने के बाद भी जब रीना का कुछ पता नहीं चला तो जिला स्वास्थ्य समिति ने उसे बर्खास्त कर दिया।