पांच साल बाद भी 1600 आवंटियों को नहीं मिला मालिकाना कब्जा
गाजियाबाद। लाखों रुपये खर्च कर लोगों ने अपने सपनों का आशियाना खरीद तो लिया लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी मालिकाना कब्जा नहीं पा सके। बिल्डरों द्वारा रजिस्ट्री न कराने का खामियाजा आवंटियों को भुगतना पड़ रहा है। इसी के साथ राजस्व विभाग को भी करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। सहायक आयुक्त स्टांप की ओर से रजिस्ट्री कराने के लिए नोटिस भेजने के बाद भी बिल्डर रजिस्ट्री कराने नहीं आ रहे हैं। जिले में 80 बहुमंजिला सोसायटियां ऐसी हैं जिन्होेंने करीब 1600 आवंटियों से पैसा लेकर कब्जा दे दिया गया है। आवंटी अपने फ्लैटोें में रहने भी लगे हैं। रजिस्ट्री नहीं होने से आवंटी अभी भी मालिकाना हक से वंचित हैं। मालिकाना हक नहीं मिलने पर फ्लैट ऑनर को सोसायटी में बिल्डर द्वारा लिए कनेक्शन से बिजली लेनी पड़ती है इससे बिल्डर मनमाना बिल वसूल करते हैं।
सहायक आयुक्त स्टांप गाजियाबाद : करीब 80 बहुमंजिला सोसायटियां ऐसी हैं जिन्होंने अभी तक रजिस्ट्री नहीं कराई है। कई सोसायटियां पांच साल से पुरानी हो गई हैं। इनको पूर्व में नोटिस भेजा जा चुका है। दोबारा से रिमाइंडर भेजा जा रहा है। गत दिनों पांच सोसायटियों के खिलाफ एफआईआर कराई जा चुकी है। वसुंधरा जोन में 50 से अधिक सोसायटी ऐसी हैं जिन्होंने अभी तक रजिस्ट्री नहीं कराई है। करीब 30 करोड़ का राजस्व नुकसान हो रहा है।
संस्थापक फेडरेशन ऑफ एओए गाजियाबाद : रजिस्ट्री नहीं कराने वाले बिल्डरों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सबसे बड़ा नुकसान आवंटियों का हो रहा है। आवंटी अपने अधिकार से वंचित हो रहे हैं। आवंटियों को भी आगे आना होगा।