माह के अंत तक निजी हाथों में होगी एक्सटेंशन में कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था
गाजियाबाद। लोगों के विरोध के बावजूद जीडीए ने राजनगर एक्सटेंशन में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था लागू करने की तैयारी तेज कर दी है। एक्सटेंशन में निजी एजेंसी को कूड़ा कलेक्शन का जिम्मा सौंपने के लिए प्राधिकरण ने करार तैयार किया है। जीडीए सचिव की अध्यक्षता में बनी कमेटी की मुहर लगने के बाद नियम व शर्तें पर काम शुरू होगा। जीडीए की योजना हर फ्लैट से 60 रुपये प्रतिमाह शुल्क लेने की तैयारी है, लेकिन इस पर निर्णय होना अभी बाकी है।
जीडीए अधिकारियों की मानें तो प्राधिकरण की ओर से नियम और शर्तें बनाकर कूड़ा कलेक्शन और फीस के कलेक्शन का जिम्मा एजेंसी को सौंपा जाएगा। प्राधिकरण से तय होने वाली शर्तों के बाद एजेंसी को तीन से लेकर पांच साल तक कूड़ा कलेक्शन की जिम्मेदारी दी जाएगी। कूड़ा कलेक्शन के साथ उसके निस्तारण की जिम्मेदारी एजेंसी की होगी। ऐसे में कूड़ा कलेक्शन में प्राधिकरण का कोई रोल नहीं होगा। जीडीए सचिव बृजेश कुमार का कहना है कि डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था से राजनगर एक्सटेंशन के निवासियों को लाभ होगा।
राजनगर एक्सटेंशन की 35 सोसायटियों में करीब डेढ़ लाख लोग रहते हैं। क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण वर्तमान में सबसे बड़ी समस्या है। समस्या से निजात पाने के लिए जीडीए नई व्यवस्था तैयार की है। फेडरेशन ऑफ एओए राजनगर एक्सटेंशन योजना का विरोध कर रहा है। फेडरेशन का कहना है कि लोगों की ओर से नगर निगम को पहले से हाउस टैक्स दिया जा रहा है। ऐसे में उन पर एक और भार नहीं डाला जा सकता है।
जीडीए की ओर से राजनगर एक्सटेंशन में 2018 से लगातार कूड़ा कलेक्शन की समस्या के निदान पर काम किया जा रहा है, लेकिन लोगों के विरोध के चलते अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। प्राधिकरण अधिकारियों की ओर से समस्या के समाधान के लिए हर बार एजेंसी की नियुक्ति की प्रक्रिया तो शुरू की गई, लेकिन फेडरेशन और रेजिडेंट्स की सहमति नहीं मिलने से योजना को अंजाम नहीं दिया जा सका। 2021 में फिर से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए एजेंसी की नियुक्ति की कवायद जारी है।