गुस्से पर काबू नहीं कर पाया और पिता को मार डाला
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की देविका स्काई पर्स सोसायटी में पिता की गोली मारकर हत्या करने वाले शिवम चानना को पुलिस ने शुक्रवार को जेल भेज दिया। इससे पहले पूछताछ के दौरान उसने कहा कि पिता को मां से झगड़ता देख उसे गुस्सा आ गया था। शराब के नशे में वह गुस्से पर काबू नहीं कर सका और पास रखे तमंचे से गोली मारकर पिता की हत्या कर दी। उसने यह भी कहा कि काश वह पैरोल पर जेल से रिहा न होता तो उसके हाथ पिता के खून से न रंगते।
पुलिस पूछताछ में शिवम ने बताया कि उसके पिता संजय चानना (50) अक्सर घर से बाहर रहते थे। मां बाहर रहने का कारण पूछती तो वह झगड़ा व मारपीट करते थे। बुधवार को भी पिता दो दिन बाद घर आए थे। वह रात साढ़े 11 बजे घर पहुंचा तो उस दौरान भी पिता मां से झगड़ा कर रहे थे। यह नजारा देखकर वह तैश में आ गया और गुस्से को काबू नहीं कर सका। आखिरकार उसके हाथों से पिता की हत्या हो गई। पुलिस का कहना है कि घटना के चंद घंटों बाद ही शिवम को अपने किए पर पछतावा होने लगा था। उसने यह भी कहा कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई। वहीं, शिवम की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि उनका तो घर ही बर्बाद हो गया। वह विधवा हो र्गईं और बेटा जेल चला गया।
यह था मामला
देविका स्काइपर्स सोसायटी के टावर नंबर-9 के दसवें फ्लोर पर रहने वाले संजय चानना (50) पत्नी व दो बेटों के साथ रहते थे। वह पुरानी कारों की सेल-परचेज का काम करते थे। बुधवार रात करीब साढ़े 11 बजे संजय चानना का छोटा बेटा शिवम नशे में धुत होकर घर पहुंचा। उस दौरान मां व पिता में झगड़ा हो रहा था। तैश में आकर शिवम ने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद शिवम ने ही पुलिस बुलाई और खुद को गिरफ्तार करा दिया। शिवम हिंडन विहार की बर्तन फैक्टरी में सुपरवाइजर था। वहां दस लाख के गबन में पुलिस ने उसे जेल भेजा था। कोराना संक्रमण के चलते 12 मई को वह पैरोल पर जेल से रिहा होकर आया था।