लय में लौटा शहर, ट्रैफिक का पहिया हुआ जाम
गाजियाबाद। कोरोना की दूसरी लहर से उबरने के बाद बंदिशें हटी तो शहर अपने रंग में लौट आया है। छूट मिलते ही बाजारों में भीड़ और सड़क पर जाम पसर गया। सामाजिक दूरी से लोगों ने दूरी बना ली। जीटी रोड पर ट्रैफिक रेंगता रहा। सुबह करीब दो घंटे जाम रहा। शाम को भी यही हाल रहा। मेरठ रोड और हापुड़ रोड पर जाम का सामना करना पड़ा। उधर, 48 दिन से बंद मॉल और रेस्टोरेंट में चहल-पहल रही। ं
सोमवार को सभी कार्यालय भी पूरी स्टाफ क्षमता के साथ खुले। जीडीए, नगर निगम, कलक्ट्रेट, विकास भवन से लेकर अन्य कार्यालय में पूरे स्टाफ को बुलाया गया था। अब दफ्तर खुले तो लोग भी अपना कामकाज निपटाने के लिए निकल पड़े। उधर, लॉकडाउन के बीच घरों में कैद रहने को मजबूर लोग रोक हटने पर रेस्टोरेंट और मॉल्स के अंदर खरीदारी करते हुए दिखाई दिए। जिले में करीब तीन हजार रेस्टोरेंट और 20 मॉल के एक साथ खुलने से भी सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ा, जिसके चलते जाम की स्थिति बनी रही। उधर, बाजार शाम को दो घंटे अतिरिक्त खोले जानी की अनुमति मिलने का भी असर बाजार में देखने को मिली, लोग रात नौ बजे तक सड़कों पर दिखाई दिए।
रेस्टोरेंट की लौटी रौनक
रेस्टोरेंट और शॉपिंग मॉल्स के लिए पहला दिन अच्छी रही है। 50 फीसदी क्षमता के हिसाब से खोलने की अनुमति थी। उस हिसाब से उन्हें अच्छे ग्राहक मिले हैं। पहले दिन करीब खरीददारी और खाना-खाने के लिए काफी संख्या में ग्राहक पहुंचे। कारोबारियों का कहना है कि अगर सामान्य दिनों में रेस्टोरेंट से एक लाख की बिक्री होती थी तो पहले दिन 50 हजार से अधिक की बिक्री हुई। इस हिसाब से 40-50 फीसदी कारोबार लौट आया है।
पहले दिन आए पांच हजार
मॉल में पहले दिन पांच हजार लोग आए। फूड कोर्ट और दुकानों से खरीदारी हुई। 10 वर्ष से छोटे और बुजुर्गों के लिए एंट्री नहीं थी। इसके अलावा अन्य सभी को मास्क और सैनिटाइजेशन के बाद ही एंट्री दी गई। - अतीक सैफी, असिस्टेंट मैनेजर, ओप्यूलेंट मॉल
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साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन रेस्टोरेंट का एक दिन पहले करा दिया गया था। सुबह से दोपहर तक मंदा रहा, लेकिन शाम को अच्छी भीड़ हुई। टेबल और कुर्सी सोशल डिस्टेंसिंग के हिसाब सैट की गई हैं। संख्या भी कम कर दी है। इसलिए शारीरिक दूरी का पालन अच्छे से हुआ। - गौरव राणा, रेस्टोरेंट संचालक, गोविंदपुरम
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कोरोना नियमों का पालन करते हुए पहले दिन रेस्टोरेंट खोला। पहला दिन होने से संख्या तो कुछ कम रही लेकिन फिर भी कार्यालयों के लोग दिन में काफी आए। खाना पैक कराकर ले जाने वालों की संख्या भी अच्छी रही। - उत्कर्ष गौड़, रेस्टोरेंट संचालक, आरडीसी
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गर्मी में दिन में कम ग्राहक आते हैं। शाम को लोग घरों से निकलते हैं। पहले दिन इसका अच्छा रेस्पांस भी दिखा। शाम को अधिक लोग आए खरीदारी करने के लिए। - संजय बिंदल, महानगर अध्यक्ष, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल