कोविड अस्पतालों से रोजाना जारी हुए टॉप-5 बिलों की जांच करेगी कमेटी
गाजियाबाद। प्रभारी मंत्री के निर्देश पर नगर आयुक्त के नेतृत्व में बनी कमेटी कोविड अस्पतालों से रोजाना जारी हुए सबसे ज्यादा रकम के टॉप-5 बिलों की जांच करेगी। इसके लिए टीम ने डाटा जुटाना शुरू कर दिया है। 20 जून तक जांच पूरी कर डीएम के माध्यम से यह रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। दूसरी ओर, एसीएम विनय सिंह के नेतृत्व में बनी कमेटी जिला प्रशासन के पास आने वाली शिकायतों की जांच करेगी।
कोरोना इलाज के नाम पर अस्पतालों ने मरीजों से मनमाना बिल वसूला है। दूसरी लहर के पीक पर पहुंचने से पहले ही अस्पतालों की ओवर बिलिंग की शिकायतें जिला प्रशासन और शासन के पास पहुंचनी शुरू हो गई थी। इसके बाद 13 अप्रैल 2021 को शासन ने अस्पतालों में कोरोना संक्रमण के इलाज की अधिकतम दरें तय कर दी थीं। इसमें ए, बी और सी श्रेणी में शहरों को बांटकर दरें तय की गई थीं। गाजियाबाद ए श्रेणी में शामिल हैं, इसी वजह से अन्य शहरों की अपेक्षा यहां के लिए इलाज की दरें भी ज्यादा तय की गई थीं। इसके बाद भी अस्पतालों ने यहां खूब मनमानी की।
18 लाख तक बनाए बिल, आठ अस्पतालों की 20 शिकायतें
कोरोना संक्रमण के मरीजों के इलाज के लिए बड़े अस्पतालों ने चार लाख से 18 लाख तक के बिल वसूला है। ज्यादा बिल बनाए जाने को लेकर मरीजों के तीमारदारों और अस्पताल प्रबंधनों के बीच झगड़े भी हुए। इनकी शिकायतें जिला प्रशासन के पास पहुंची हैं। जिला प्रशासन के पास अब तक आठ अस्पतालों की 20 शिकायतें पहुंच चुकी हैं। इन शिकायतों की जांच शुरू कर दी गई है।
आठ अस्पतालों को दिए नोटिस, सिर्फ तीन ने दिया जवाब
जिला प्रशासन ने ओवर बिलिंग की शिकायतें मिलने पर करीब एक सप्ताह पहले शहर के 8 अस्पतालों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया था। इनमें से सिर्फ तीन अस्पतालों ने जिला प्रशासन के नोटिस का जवाब दिया है। बाकी पांच अस्पतालों ने एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी जवाब नहीं दिया। ऐसे में अब इन अस्पतालों पर शिकंजा कसा जा सकता है।
इस ई-मेल पर करें ओवर बिलिंग की शिकायत
ओवर बिलिंग की जांच के लिए गठित कमेटी के अध्यक्ष नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने बृहस्पतिवार को एक ई-मेल आईडी जारी की है। इस मेल पर लोग उन्हें ओवर बिलिंग की शिकायत के साथ-साथ बिल की कॉपी और अन्य दस्तावेज भी भेज सकेंगे। इस ई-मेल आईडी के जारी होने के बाद ऐसे लोगों को सहूलियत होगी जो अस्पताल प्रबंधन की ओवर बिलिंग की वजह से परेशानी झेल चुके हैं और शिकायत करना चाहते हैं। अभी तक प्रशासन ने कोई ऐसा प्लेटफार्म लोगों को नहीं दिया था। नगर आयुक्त ने बताया कि ओवर बिलिंग की वजह से परेशान लोग overbillinggzb@gmail.com पर शिकायत कर सकते हैं। इन शिकायतों को जांच में शामिल किया जाएगा।
शासन ने इलाज की यह दरें की थी तय
अस्पताल की श्रेणी आइसोलेशन बेड विद ऑक्सीजन आईसीयू बेड वेंटिलेटर के साथ आईसीयू बेड
एनएबीएच से मान्यता प्राप्त 10,000 रुपये 15,000 रुपये 18,000 रुपये
बिना मान्यता वाले 8,000 रुपये 13,000 रुपये 15,000 रुपये
कोट
सभी अस्पतालों के रोजाना के टॉप-5 बिलों की जांच के निर्देश मिले हैं। जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ओवर बिलिंग से प्रभावित लोग ई-मेल पर बिल की कॉपी के साथ शिकायत भेज सकते हैं। इन्हें जांच में शामिल कर कार्रवाई की जाएगी। 15 दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
- महेंद्र सिंह तंवर, नगर आयुक्त व जांच अधिकारी
8 अस्पतालों की 20 शिकायतें मिली हैं। पूर्व में बनाई गई जांच कमेटी शिकायतों की जांच करेगी। दोनों कमेटियां तय समय में अस्पतालों की जांच कर रिपोर्ट देंगी। इस रिपोर्ट को शासन को भेजा जाएगा।
- अजय शंकर पांडेय, डीएम