सिपाही बनकर पुलिस पर दिखा रहा था रौब, दबोचा
गाजियाबाद/मोदीनगर। चेकिंग के दौरान भोजपुर पुलिस ने फर्जी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान मसूरी थानाक्षेत्र के गांव नाहल निवासी जुबैर चौधरी के रूप में हुई है। कोरोना कर्फ्यू में बेवजह घूमने का कारण पूछने पर जुबैर ने खुद को स्टाफ का बताया था। पुलिस ने आईकार्ड मांगा तो उसे देखकर शक हुआ। जांच में आईकार्ड फर्जी निकलने पर पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने लोगों पर रौब गांठने तथा टोल प्लाजा पर टोल से बचने के लिए फर्जी आईकार्ड बनवा रखा था।
भोजपुर एसओ प्रभात दीक्षित के मुताबिक मंगलवार रात पुलिस मोदीनगर रोड पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक बाइक सवार युवक को कोरोना कर्फ्यू में निकलने का कारण पूछा। कारण बताने की बजाय उसने अपना नाम जुबैर बताते हुए खुद को स्टाफ का बताया। तैनाती के बारे में पूछने पर उसने अपनी पोस्टिंग गाजियाबाद में बताई। आईकार्ड मांगने पर उसने जेब से निकालकर दिखाया, जो जांच में फर्जी निकला। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की बाइक व आईकार्ड कब्जे में ले लिया गया। एसओ का कहना है कि जुबैर ने खुद को मसूरी क्षेत्र के गांव नाहल निवासी बताया था। आईकार्ड पर तैनाती स्थान गाजियाबाद लिखा हुआ था। इसी बात पर शक होने पर आईकार्ड की जांच की गई तो आरोपी की पोल खुल गई। उसने आईकार्ड में अपना, अपने पिता का नाम सही लिखा हुआ था और मोबाइल नंबर भी सही था। पुलिस का कहना है कि आईकार्ड से पोल खुलती देख जुबैर माफी मांगने लगा।
आईकार्ड झाड़ी में फेंक भागने की कोशिश की
एसओ का कहना है कि आईकार्ड दिखाने पर पुलिसकर्मियों ने जुबैर को जाने दिया था, लेकिन एकाएक शक होने पर उसे दोबारा रुकने के लिए कहा गया। इस पर जुबैर हड़बड़ा गया और उसने आईकार्ड झाड़ियों में फेंक दिया। पुलिस को आईकार्ड ढूंढने में आधा घंटा लग गया। तब जाकर जांच-पड़ताल हुई तो वह फर्जी निकला। एसओ का कहना है कि आरोपी ने आईकार्ड किससे बनवाया, उसकी जांच की जा रही है। आईकार्ड बनाने वाले को भी गिरफ्तार किया जाएगा।