इंजीनियर के खाते से उड़ाए 1.65 लाख, पांच माह टरकाती रही पुलिस
गाजियाबाद। साइबर अपराधियों ने कविनगर थानाक्षेत्र में रहने वाले आईटी कंपनी के इंजीनियर के खाते से एक लाख 65 हजार रुपये साफ कर दिए। मोबाइल पर ट्रांजक्शन का मेसेज मिलने पर पीड़ित को घटना का पता चला। पीड़ित इंजीनियर का कहना है कि शिकायत के बावजूद पुलिस पांच महीने तक उन्हें टरकाती रही। इसके चलते उन्हें एसएसपी से गुहार लगानी पड़ी। एसएसपी के आदेश पर कविनगर पुलिस ने अब केस दर्ज किया है।
कविनगर क्षेत्र के गोविंदपुरम स्थित पंचशील प्राइमरोज सोसायटी में रहने वाले दीपेश सिंघल नोएडा स्थित एक आईटी कंपनी में इंजीनियर हैं। उनका कहना है कि साइबर अपराधियों ने 22 दिसंबर 2020 को उनके डेबिट और क्रेडिट कार्ड से एक लाख 65 हजार रुपये उड़ा लिए थे। जबकि उनके डेबिट और क्रेडिट कार्ड उन्हीं के पास थे। मोबाइल पर मेसेज मिलने पर उन्हें साइबर ठगी का पता चला। पीड़ित का कहना है कि घटना का पता लगते ही उन्होंने पुलिस व बैंक को सूचित कर दिया था। लेकिन शिकायत देने के बावजूद पुुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। थक-हारकर उन्हें एसएसपी से गुहार लगानी पड़ी। कविनगर एसएचओ अजय कुमार सिंह का कहना है कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। संभवत: एटीएम क्लोन कर खाते से रकन निकाली गई है। आरोपियों को ट्रेस करने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है।
साढ़े तीन सौ से अधिक लोगों से हो चुकी ठगी
साइबर अपराधी लोगों की रकम लूटने के लिए हर तरीका अपना रहे हैं। साइबर सेल से प्राप्त आंकड़ों की बात करें तो जनवरी से लेकर मार्च तक 212 लोगों से बैंकिंग फ्रॉड के अलावा व एटीएम व क्रेडिट कार्ड से रकम निकाली जा चुकी है। अब तक यह आंकड़ां साढ़े तीन सौ को पार गया है। इसके बावजूद पुलिस साइबर ठगी करने वाले किसी बड़े गिरोह को नहीं पकड़ सकी है।