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चेकिंग के नाम पर वसूली करने वाली फर्जी पुलिस टीम गिरफ्तार

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वसूली कर रही फर्जी पुलिस टीम गिरफ्तार, एसएचओ सस्पेंड
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गाजियाबाद/मसूरी। मसूरी थानाक्षेत्र में चेकिंग के नाम पर वाहन चालकों से वसूली करने वाली फर्जी पुलिस टीम शुक्रवार को असली पुलिस के हत्थे चढ़ गई। ट्रैफिक इंस्पेक्टर को सूचना मिली थी, जिसके बाद फर्जी ट्रैफिक इंस्पेक्टर, एसआई व सिपाही को दबोच लिया गया। कई माह से फर्जी पुलिस टीम सक्रिय होने के बावजूद अनभिज्ञता जताने पर एसएसपी ने मसूरी एसएचओ नरेश कुमार सिंह को सस्पेंड कर एसपी देहात को जांच सौंपी है। सर्विलांस सेल प्रभारी उमेश पंवार को मसूरी थाने का नया एसएचओ बनाया गया है।
काफी दिनों से सूचना मिल रही थी कि मसूरी क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिस की फर्जी टीम सक्रिय है, जो सादे कपड़ों में चेकिंग के नाम पर वाहनों से वसूली करती है। शुक्रवार को ट्रैफिक इंस्पेक्टर परमहंस तिवारी को सूचना मिली कि पुलिस लाइन से कुछ ही दूरी पर तीन लोग वाहनों की चेकिंग कर रहे हैं। आननफानन में मौके पर पहुंचकर पुलिस ने तीनों को दबोच लिया गया। तलाशी में आरोपियों के पास पुलिस की कैप, बेल्ट व एक बाइक बरामद हुई।
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शहजाद बनता था ट्रैफिक इंस्पेक्टर
आरोपियों की पहचान शहजाद और इंतजार निवासी ग्राम नाहल और गुड्डू निवासी मोहल्ला बाजीगरान डासना के रूप में हुई। शहजाद ट्रैफिक इंस्पेक्टर बनता था। इंतजार व गुड्डू वाहन चालकों को चेकिंग के लिए रोकते थे। वह खुद को दरोगा व सिपाही बताते थे। आरोपियों ने बताया कि वह काफी समय से पुलिसकर्मी बनकर वाहन चालकों से वसूली कर रहे थे।
गाड़ी के कागज नहीं तो साहब के पास चल
जिस वाहन चालक के पास दस्तावेज या कोई अन्य अनियमितता होती, उसे रोक लेते थे। हजारों रुपये का चालान काटने की बात कहकर डराते थे। जब वाहन चालक कुछ ले-देकर मामला रफा-दफा करने की बात करता तो दोनों आरोपी उसे शहजाद के पास ले जाते थे। इसके बाद पैसे लेकर वाहन चालक को जाने देते थे।
गढ़-दिल्ली की बस पर नौकरी करते हैं आरोपी
फर्जी पुलिस टीम पकड़े जाने पर एसएसपी कलानिधि नैथानी ने जिले में नवागत सीओ अवनीश कुमार को आरोपियों से पूछताछ के लिए भेजा। तीनों आरोपियों ने शुरू में गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि वे कई वर्षों से गढ़-दिल्ली रोड पर चालक व परिचालक की नौकरी करते हैं। उन्होंने वसूली करने से साफ इंकार किया लेकिन पुलिस की कैप व बेल्ट मिलने पर वे बगलें झांकने लगे।
सीओ सदर के पूर्व चालक की भूमिका भी संदिग्ध
सूत्रों का कहना है कि वाहनों से वसूली के खेल में असली पुलिसकर्मियों का नाम भी सामने आ रहा है। आरोपियों ने बताया कि सीओ सदर के पूर्व ड्राइवर ने भी वसूली के लिए एक आदमी छोड़ रखा था। सीओ के पूर्व ड्राइवर की संलिप्तता सामने आने पर पुलिस में गहमागहमी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि पूछताछ के लिए उक्त पुलिसकर्मी को भी बुलाया गया है।
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अनभिज्ञता पर सस्पेंड हुए मसूरी एसएचओ
एसएसपी ने बताया कि सीओ की जांच में वसूली का गोरखधंधा कई माह से चलता मिला। मसूरी एसएचओ नरेश कुमार से पूछने पर उन्होंने अनभिज्ञता जता दी। उनका कहना है कि पूर्व में ही चेतावनी जारी की गई थी कि किसी भी स्थान पर सादा कपड़ों में चेकिंग न की जाए। इसके बावजूद मसूरी क्षेत्र में फर्जी पुलिसकर्मी बनकर सादा कपड़ों में चेकिंग की जा रही थी। लिहाजा लापरवाही बरतने पर एसएचओ को सस्पेंड कर एसपी देहात को जांच सौंपी गई है। एसएसपी का कहना है कि सादे वस्त्रों में चेकिंग करते दिखने पर एंटी क्राइम हेल्पलाइन नंबर 9454403434 पर सूचना दें। तत्काल कार्रवाई होगी।
फर्जी जज व एडीएम तक हो चुके गिरफ्तार
- फरवरी 2020 : विजयनगर पुलिस ने फर्जी जज और फर्जी दरोगा समेत तीन आरोपी दबोचे थे।
- सितंबर 2019 : साहिबाबाद पुलिस ने खुद को वर्तमान डीएम का भाई बताने वाला फर्जी एडीएम गिरफ्तार किया।
- सितंबर 2019 : कविनगर पुलिस ने फर्जी महिला दरोगा गिरफ्तार की थी। वह तीन दिन पुलिस लाइन में रही थी।
- अगस्त 2019 : सिहानी गेट पुलिस ने वॉकीटॉकी के साथ फर्जी सिपाही को गिरफ्तार किया था। वह लुटेरों को छुड़ाने पहुंचा था।
- जुलाई 2019 : साहिबाबाद पुलिस ने फर्जी पुलिसकर्मी को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस की वर्दी लोगों को लूटता था।
- जून 2019 : इंदिरापुरम पुलिस ने नेवी का फर्जी कैप्टन गिरफ्तार किया था। वह आईपीएस अधिकारी पर रौब गांठने पहुंचा था।
- मई 2019 : खोड़ा के दीपक विहार में कैफेसंचालक का अपहरण करने वाले क्राइम ब्रांच के फर्जी अधिकारी व साथी दबोचे।
- सितंबर 2018 : साहिबाबाद पुलिस ने चार फर्जी ड्रग इंस्पेक्टर गिरफ्तार किए।
- जून 2018 : इंदिरापुरम पुलिस ने सीबीआई के चार फर्जी अधिकारियों को गिरफ्तार किया।
- मार्च 2018 : इंदिरापुरम पुलिस ने दो फर्जी एआरटीओ गिरफ्तार किए।
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