मास्टर प्लान-2031 में हर संपत्ति की होगी यूनिक आईडी
गाजियाबाद। महानगर के जियोग्राफिक इंफारमेशन सिस्टम (जीआईएस) बेस्ड केंद्रीयकृत मास्टर प्लान-2031 में हर आवासीय व व्यावसायिक संपत्ति की एक यूनिट आईडी होगी। यूनिक आईडी उस संपत्ति की डिजिटल पहचान होगी। इसी आईडी की मदद से लोग घर बैठे ऑनलाइन संपत्तियों का भू-उपयोग सहित अन्य ब्यौरा देख सकेंगे। मास्टर प्लान-2031 तैयार करने वाली केंद्र सरकार की एजेंसी डीडीएफ कंसलटेंट ने बृहस्पतिवार को दूसरी रिपोर्ट सौंपते हुए प्रजेंटेशन दिया। जीडीए उपाध्यक्ष ने एजेंसी को दूसरी रिपोर्ट में सुधार करने के साथ विद्युत निगम, नगर निगम सहित अन्य विभागों से बातकर उनकी भविष्य की योजनाओं को रिपोर्ट में शामिल करने के निर्देश दिए हैं।
एजेंसी की ओर से मार्च-2021 तक मास्टर प्लान तैयार कर जीडीए को सौंपना है। एजेंसी ने मुरादनगर-मोदीनगर के मास्टर प्लान पर तो काम किया लेकिन अपनी अब तक की रिपोर्ट में स्थानीय विभागों की भविष्य की योजनाओं को समाहित नहीं किया है। ऐसे ही गाजियाबाद-डासना और लोनी क्षेत्र के मास्टर प्लान का काम सर्वे शीट न मिलने के कारण शुरू नहीं हो पाया है। नया मास्टर प्लान सेटेलाइट इमेजिंग सर्वे के आधार होगा। इसके लिए केंद्र की ओर से इसरो की सहायक नेशनल रिमोट सेंसिंग एजेंसी (एनआरएसए) से आंकड़ा लिया जाएगा। एजेंसी जीआईएस बेस्ड जनपद के विभिन्न क्षेत्रों का सेटेलाइट से ब्यौरा एकत्र कर रही है।
ऐसे में एजेंसी को हर एक संपत्ति का ग्राउंड सर्वे करने को कहा गया है। इसके बाद 270 दिन में एजेंसी जीडीए को नक्शा और ग्राफ सहित पूरा ग्रिड मैप सौंपना होगा। इस मैप में विभिन्न प्रकार की संपत्तियों का सिलसिलेवार ब्यौरा होगा। इसी सर्वे के बाद हर संपत्ति को एक डिजिटल यूनिट आईडी मिलेगी। मार्च 2021 में मास्टर प्लान तैयार होने और उसे बोर्ड में पास कराकर शासन को भेजा जाएगा। शासन में पहले सचिव स्तर और फिर कैबिनेट के अप्रूवल के बाद मास्टर प्लान पर मुहर लग जाएगी। जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि जीआईएस बेस्ड मास्टर प्लान में लोग बगैर प्राधिकरण के चक्कर काटे घर बैठे संपत्ति का ऑनलाइन ब्यौरा और भू-उपयोग जांच सकेंगे। मास्टर प्लान तैयार होने पर 1.04 करोड़ खर्च होंगे। अमृत योजना के तहत एजेंसी को एक करोड़ का भुगतान केंद्र सरकार और जीडीए को केवल चार लाख का भुगतान करना होगा।
25 सुविधाओं की जानकारी केवल एक क्लिक पर
जीआईएस बेस्ड मास्टर प्लान-2031 में शहरवासियों को 25 सुविधाओं की ऑनलाइन एक क्लिक पर जानकारी मिलेगी। मास्टर प्लान में ग्रामीण आबादी, नगरीय निर्मित क्षेत्र उच्च घनत्व, आवासीय मध्यम घनत्व, मुख्य व्यावसायिक क्षेत्र, उप-नगरीय वाणिज्यिक, थोक वाणिज्यिक केंद्र, हल्का व लघु उद्योग, सरकारी कार्यालय, सामुदायिक सुविधाएं, संस्थागत क्षेत्र, हरित क्षेत्र, क्षेत्रीय मनोरंजन, पार्क व खेल मैदान, सिटी फॉरेस्ट, हरित पट्टियां, नदी संरक्षित क्षेत्र, बस अड्डा-ट्रांसपोर्टनगर, सीवरेज, जल शोधन संयत्र व सॉलिड वेस्ट निस्तारण स्थल, कृषि क्षेत्र, कब्रिस्तान-श्मशान, रेलवे भूमि, अनाधिकृत कॉलोनियां, हाईटेक सिटी व नगरीय विस्तार क्षेत्र, औद्योगिक विकास क्षेत्र, वर्तमान मार्ग, प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे, प्राधिकरण सीमा, नगर निगम सीमा सहित आदि की जानकारी हासिल होगी।
नहीं काटने पड़ेंगे जीडीए दफ्तर के चक्कर
मास्टर प्लान-2031 में हर संपत्त्ति व घर की एक यूनिट आईडी होने से जानकारी ऑनलाइन प्लेटफार्म पर उपलब्ध रहेगी। यूनिक आईडी की बदौलत हर संपत्ति के भू-उपयोग, बकाया सहित अन्य जानकारियां घर बैठे हासिल की जा सकेगी। दूसरी ओर भू-उपयोग के साथ अन्य जानकारियों के लिए लोगों को प्राधिकरण के चक्कर काटने से छुटकारा मिल जाएगा। पूर्व के मास्टर प्लान में अधिकारियों की ओर किसी क्षेत्र का व्यावसायिक लैंड यूज को ग्रीन मार्क कर उसकी वेल्यू कम करने संबंधी दिक्कतों का समाधान हो जाएगा।
नए मास्टर प्लान में जमीन का बढ़ेगा दायरा
जीडीए अधिकारियों ने बताया कि नए मास्टर प्लान में जमीन का दायरा बढ़ने की संभावना है। 2021 के मास्टर प्लान में 470 स्क्वायर किमी जमीन को लिया गया था, अब नए मास्टर प्लान करीब 50 स्क्वायर किमी और बढ़ने की संभावना है। मास्टर प्लान में आवासीय, इंडस्ट्रियल एरिया, ग्रीन बेल्ट के साथ अन्य सभी क्षेत्रों को चिह्नित किया जाएगा। मास्टर प्लान तैयार होने के बाद जीडीए की ओर से जोनल प्लान तैयार करने की कवायद शुरू की जाएगी।
मास्टर प्लान-2031 की दूसरी रिपोर्ट केंद्र सरकार की एजेंसी ने सौंपी है। एजेंसी को रिपोर्ट में विभिन्न विभागों की भविष्य की योजनाओं को शामिल करने के निर्देश दिए हैं। नए मास्टर प्लान में हर संपत्ति की एक यूनिक आईडी होगी। जिससे संपत्ति का घर बैठे विस्तृत ब्यौरा देखा जा सकेगा। - कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए