जाम से निपटने के लिए बनी योजना पर नहीं हुआ काम
गाजियाबाद। दिलशाद गार्डन से शहीद स्थल मेट्रो रूट शुरू होने से पहले जीडीए सहित कई विभागों ने मिलकर जीटी रोड का जाम खत्म करने का प्लान तैयार किया था। एक साल बाद यह प्लान ध्वस्त होता दिख रहा है। जीटी रोड स्थित मेट्रो स्टेशन पर वाहनों से लोगों को छोड़ने और लेने के लिए ड्रॉप-वे विकसित किया गया था। अब इन ड्रॉप-वे पर टैंपो, ऑटो, कैब और ई-रिक्शा चलाकों का कब्जा रहता है। ऑटो व ई-रिक्शा चालकों के ड्रॉप-वे के रास्ते पर ही खड़ा होने से अब लोगों ने जाना ही छोड़ दिया है।
सबसे ज्यादा खराब हालत शहीद स्थल मेट्रो स्टेशन के आसपास देखने को मिल रही है। यहां सुबह से शाम तक जाम एक जैसे हालात रहते हैैं। ऑटो, कैब, ई-रिक्शा चालकों ने मेट्रो स्टेशन के दोनों ड्रॉप-वे पर अघोषित कब्जा जमा रखा है। कुछ देर पुलिस कर्मियों के आने पर ऑटो चालक वाहनों को हटा लेते हैं। ऐसे में अपने परिजनों को छोड़ने आने वालों को परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों को स्टेशन से काफी पहले या फिर बाद में अपने परिजनों और रिश्तेदारों को छोड़ना पड़ता है। मेट्रो स्टेशन के बाद जाम के हालत में सुधार नहीं आया है। मेरठ तिराहे से शुरू होने वाला जाम लालकुआं तक बरकरार रहता है। लोगों को 20 मिनट से आधा घंटे का रास्ता एक घंटा में तय करना पड़ता है।
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जीटी रोड व हापुड़ रोड कॉरिडोर का काम अधर में
जीटी रोड और हापुड़ रोड कॉरिडोर के जाम के स्थायी समाधान की योजना धरातल पर नहीं उतर पाई है। मुख्य चौराहों व कटों के डिजाइन का जिम्मा जीडीए ने अर्बन मास ट्रांजिट कंपनी लिमिटेड (यूएमटीसी) को सौंपा था। कंपनी ने 14 में से पहले दो कटों का डिजाइन तैयार किया था। इनमें से कलक्ट्रेट के पास फ्लाईओवर से लेकर आईएमटी कट शामिल था। यूएमटीसी के सुझाव पर आरडीसी के प्रवेश द्वार पर केवल बेरीकेडिंग से जाम से निपटने की अस्थायी व्यवस्था की गई है। बाकी आईएमटी कट व कलक्ट्रेट के सामने जाम की स्थिति जस की तस है। चौधरी मोड़ पर भी यूएमटीसी ने डिजाइन तैयार किया है, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो सका है। बाकी दोनों कॉरिडोर के किसी चौराहे व तिराहे के डिजाइन पर काम नहीं हुआ है।
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हिंडन रिवर बैंक पर निजी पार्किंग ने दी राहत
मेट्रो फेज-2 कॉरिडोर में पार्किंग की समस्या अब सामने आ रही है। हिंडन रिवर बैंक स्टेशन पर करीब 100 चार पहिया और 200 दो पहिया वाहनों की पार्किंग नाकाफी साबित होती है। ऐसे में हिंडन रिवर बैंक के बराबर में बनी निजी पार्किंग लोगों को बड़ी राहत दे रही है। स्टेशन के पीछे सुभाष पार्क के पास बनी निजी पार्किंग में 600 चार पहिया और 200 से अधिक दो पहिया वाहनों को खड़ा करने की जगह है। मेट्रो की पार्किंग फुल होने के बाद लोग यहां वाहन खड़ा कर रहे हैं।