कोरोना से घबराहट, जुकाम में भी जांच को दौड़ रहे लोग
गाजियाबाद। कोरोना वायरस के मरीज मिलने से पहले ही शासन स्तर से मानीटरिंग की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई इलाज की व्यवस्था और आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण करने शुक्रवार को वैक्टर बोन व आईडीएसपी के संयुक्त निदेशक डा. विकासेंदु अग्रवाल गाजियाबाद पहुंचे। उन्होंने जिला मलेरिया अधिकारियों के साथ बैठक के बाद आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण किया। वार्ड में इंजेक्टेबल एंटीबायोटिक्स, एंटीपायरेटिक सहित अन्य दवाइयों की मात्रा बढ़ाने के निर्देश दिए।
कोरोना जांच की सुविधा अभी तक सरकारी या प्राइवेट किसी भी अस्पताल में नहीं है। अभी तक दो संदिग्ध मरीजों के नमूने लिए गए थे, जो जांच के लिए दिल्ली भेजे गए थे। संयुक्त निदेशक ने निर्देश दिया कि चीन से आने वाले प्रत्येक यात्री की पूरी जानकारी रखते हुए उसका सैंपल लिया जाए। साथ ही आइसोलेशन केबारे में जागरूक किया जाए, अगर जरूरत पड़े तो संभावित मरीज को भर्ती भी किया जाए। जिला मलेरिया अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्र ने बताया कि शुक्रवार को चीन से किसी भी यात्री के आने की सूचना नहीं है।
चिकित्सकों की टीम व एंबुलेंस की होगी व्यवस्था
जीके मिश्रा ने बताया कि चीन से गाजियाबाद आने वाले लोगों को सैंपल देने के लिए अन्य अस्पताल लेकर जाने व लाने के लिए दो एंबुलेंस का निर्धारण किया जाएगा। जिसमें एक एएलएस (एडवांस लाइफ सेविंग) व दूसरी 108 एंबुलेंस शामिल होगी। इसके अलावा आईसोलेशन वार्ड में 24 घंटे चिकित्सीय सुविधा मिलेगी।
सामान्य बुखार और कोरोना के एक जैसे लक्षण
वरिष्ठ फिजीशियन डा. अरविंद डोगरा का कहना है कि शोध में पता चला है कि 2019-एनकोवी के मनुष्यों तक फैलने से पहले सांपों में रहा है। 2019-एनकोवी के लिए सबसे संभावित वन्यजीव सांप है। यह नया वायरस उस वायरस जैसा है, जिसने 2003 में सार्स (सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम) फैलाया था। इस वायरस के संक्रमण से बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ , नाक बहना और गले में खराश हो जाती है। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है। डा. डोगरा ने बताया कि अधिकतर कुलीन वर्ग के लोग सर्दी, जुकाम, बुखार की चपेट में आने पर कोरोना की जांच कराने की सलाह ले रहे हैं, हालांकि अभी तक अधिकांश डाक्टर मरीजों को अनावश्यक जांच कराने से बचने की सलाह दे रहे हैं।
अनावश्यक जांच से बचें
सीएमओ डा. एनके गुप्ता का कहना है कि अधिकतर मामलों में आप नहीं जान सकते हैं कि आपको सामान्य बुखार है या फिर कोरोना वायरस। इसके लिए लैब टेस्ट कराना होगा। इसमें नाक और गले के स्लैब के साथ ही खून की जांच होगी। बचने के लिए किसी बीमार, जुकाम, निमोनिया से ग्रसित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। मास्क पहनें। अपनी आंखों, नाक और मुंह को न छुए। हाथों को बार बार अच्छे से साबुन से धोएं। अभी तक जिले में कोई भी मामला नहीं आया है, अनावश्यक जांच कराने से बचें।
संक्रमण को कम करने के लिए ये उपाय करें
- अपने हाथ साबुन और पानी से साफ करें।
- खांसते या छींकते वक्त नाक और मुंह को टिशू या मुड़ी हुई कोहनी से ढकें।
- जिन्हें सर्दी या फ्लू जैसे लक्षण हों, उसने दूरी बनाकर रखें।
- मीट और अंडों को अच्छे से पकाएं।
- जंगल और खेतों में रहने वाले जानवरों के साथ संपर्क न बनाएं।