इकन्नी लौटाए बिना बेच दिए लोन पर लिए वाहन, छह पर एफआईआर
गाजियाबाद। लोन का एक रुपया भी लौटाए बिना आवेदकों द्वारा वाहन बेचकर फाइनेंस कंपनी को एक करोड़ रुपये की चपत लगाने का मामला सामने आया है। उक्त मामले में कोर्ट के आदेश पर सिहानी गेट पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज कर मामलों की जांच शुरू कर दी है। कंपनी के लीगल एग्जीक्यूटिव का कहना है कि आरोपियों ने गिरोह बनाकर कंपनी को चपत लगाई।
जानकारी के मुताबिक नवयुग मार्केट में नरेंद्र मोहन अस्पताल के पास एचडीबी फाइनेंशियल लिमिटेड कंपनी की शाखा है। कंपनी द्वारा वाहन आदि पर लोन मुहैया कराया जाता है। अमित त्यागी कंपनी के लीगल एग्जीक्यूटिव हैं। वह दो कंपनी के कानूनी मामलों की पैरवी करने के लिए अधिकृत हैं। आरोप है कि मसूरी निवासी परवेज एफ व नाहिद पी, शास्त्रीनगर डी-ब्लॉक निवासी अमित कुमार व रेनुका सिंह तथा महीउद्दीनपुर धरवसी-2 ढलाना मसूरी निवासी उम्मेद अली व उमर अली एक रैकेट चलाते हैं, जो बैंकों, फाइनेंस कंपनियों से फर्जी तरीकों से लोन लेकर उन्हें चूना लगाते हैं। उक्त लोगों ने भी एडीबी फाइनेंशियल कंपनी से भी लाखों रुपये का लोन लेकर जमा नहीं किया।
लोन लेकर वाहन खरीदे, बिना किश्त दिए बेच दिए
कंपनी के मुताबिक उक्त लोगों द्वारा लोन लेकर वाहन खरीदे गए। यह तय हुआ था कि लोन पूरा होने तक उक्त वाहन किसी तीसरे व्यक्ति को हस्तानांतरित नहीं किए जा सकेंगे। इस पाबंदी के बावजूद उक्त लोगों ने वाहनों को अन्य व्यक्तियों को बेच दिया और साथ ही कंपनी को लोन भी नहीं चुकाया, जिससे कंपनी को भारी नुकसान हुआ।
आरोपियों पर 97 लाख 81 हजार 486 रुपये की देनदारी
एफआईआर के मुताबिक परवेज एफ व नाहिद पी ने 28,39,781 रुपये का लोन लिया जो वर्तमान में 23,80,387 रुपये निकलता है। इसके अलावा अमित कुमार व रेनुका सिंह ने 30,01,675 रुपये लोन लिया था जो वर्तमान में 31,22,623 रुपये बैठता है। इसी तरह उम्मेद अली व उमर अली ने 22,66,187 रुपये का लोन लिया था जो वर्तमान में 42,78,476 रुपये बैठता है। कंपनी के मुताबिक लोन जमा करने के लिए कहने पर उक्त लोगों ने कर्मचारियों को धमकी दी। पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। एसएचओ सिहानी गेट गजेंद्र पाल सिंह का कहना है कि मुकदमे दर्ज कर मामलों की जांच शुरू कर दी है।