गाजियाबाद के घरों में कुत्ता पालने के लिए अब नगर निगम से लाइसेंस लेना पड़ेगा। नगर निगम ने इस लाइसेंस की फीस पांच हजार रुपये तय की है। यही नहीं पालतू कुत्ते ने सड़क या पार्क में गंदगी की तो मालिक को 500 रुपये जुर्माना भी भरना पड़ेगा। निगम बायलाज बनाकर जल्द ही इस नई व्यवस्था को लागू करेगा।
दरअसल, नगर निगम पालतू कुत्तों को घुमाने की वजह से सड़कों पर होने वाली गंदगी से परेशान है। कई राज्यों में कुत्ता पालने के लिए नगर निगम से लाइसेंस लेना अनिवार्य है, लेकिन गाजियाबाद में यह व्यवस्था नहीं है।
शुक्रवार को नगर निगम की बोर्ड बैठक में पार्षदों ने इस व्यवस्था को लागू करने का प्रस्ताव पास किया। नगर निगम सदन ने लाइसेंस शुल्क 5 हजार रुपये निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम में तैनात पशु चिकित्साधिकारी कुत्ता पालने के लिए लाइसेंस जारी करेंगे।
यही नहीं लोगों को एक गाइड लाइन भी दी जाएगी। कुत्ते ने सड़क पर गंदगी की तो जुर्माने की व्यवस्था होगी। इससे नगर निगम को आमदनी के साथ-साथ शहर में सफाई व्यवस्था भी सुधरेगी।
कुत्तों और बंदरों के आंतक से परेशान पार्षदों ने अफसरों को घेरा
आवारा कुत्तों और बंदरों के आतंक से परेशान पार्षदों ने बोर्ड बैठक में यह मुद्दा उठाया और समाधान कराए जाने की मांग की। इंदिरापुरम के पार्षद संजय सिंह ने कहा कि आए दिन कुत्तों के बच्चों और बुजुर्गों को काटने के मामले सामने आ रहे हैं।
नगर निगम ने जिस संस्था को कांट्रेक्ट दिया है, वह काम नहीं कर रही है। अन्य पार्षदों ने भी संजय सिंह का समर्थन कर मौजूदा संस्था का कांट्रेक्ट निरस्त कर दोबारा टेंडर कॉल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कुत्तों का बधियाकरण अभियान फाइलों में चलाया जा रहा है। महापौर ने अधिकारियों को संस्था का कांट्रेक्ट निरस्त कर दूसरी संस्थाओं को दिए जाने के निर्देश दिए।