राष्ट्रीय युवा सम्मेलन में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अनुच्छेद 370 का जिक्र कर विपक्ष पर निशाना साधा है। सम्मेलन के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि हमारी सरकार को जो करना था, वह कर दिया। वह इसलिए क्योंकि हमारी सरकार की नीति स्पष्ट है। किसी राजनीतिक दल विशेष का नाम लिए बगैर रक्षामंत्री ने कहा कि हम राजनीति सिर्फ सरकार बनाने या सत्ता का सुख भोगने के लिए नहीं करते हैं। हम राजनीति देश बनाने के लिए करते हैं। स्वतंत्रता के बाद सबसे बड़ी विडंबना रही है कि राजनीति अपना अर्थ भी खो चुकी थी और भाव भी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि हम सब मिलकर संकल्प लें कि जब तक राजनीति के भाव और अर्थ को हासिल नहीं कर लते, तब तक चैन से नहीं बैठेंगे।
पावन चिंतन धारा की ओर से आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन का रविवार को एएलटी सेंटर के सीके रेड्डी सभागार में समापन कार्यक्रम हुआ। बतौर मुख्य अतिथि रक्षामंत्री ने कहा कि राजनीति का अर्थ और भाव हम अच्छी तरह से समझते हैं। राजनीति दो शब्दों राज व नीति से मिलकर बनी है, जिसका मतलब है ऐसी राज व्यवस्था जो सन्मार्ग की ओर ले जाए। आज जनसंख्या की दृष्टि से भारत को दुनिया में सबसे युवाओं का गौरव प्राप्त है।
युवाओं की इतनी बड़ी जमात होने की कारण हम नई ऊंचाईयों को छू सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम कैसे युवा का निर्माण करना चाहते हैं। क्या हम ऐसे युवा का जिसका मन और सोच छोटी हो। जिसका मन छोटा होगा, वह अपने जीवन में आध्यात्म की ऊंचाईयों को भी किसी सूरत में हासिल नहीं कर सकता। छोटे मन का युवक बराबर कुंठित रहेगा और कुंठा में ही सारी जिंदगी गुजार देगा। जो वांछित फल प्राप्त करना चाहता है, वह भी वह प्राप्त नहीं कर पाएगा। इसलिए हमारा प्रयत्न है युवा बड़े मन और बड़ी सोच के बने। पुरी दुनिया जानती है कि भारत में रहने वाले लोग छोटे मन के नहीं हुआ करता थे। दुनिया में भारत एकमात्र ऐसा देश था, जिसने दुनिया के हर हिस्से में रहने वाले लोगों को अपना माना। वसुधैव कुटुंबकम का संदेश भी भारत ने ही दिया। इसलिए हमें भारत को पुन: गौरवशाली इतिहास में ले जाना चाहते हैं। स्वामी विवेकानंद को मैं सबसे बड़ा आइकन मानता हूं, जिन्होंने 30 वर्ष की आयु में दुनिया को भारत की सभ्यता, संस्कृति, संस्कार और विचारों से अवगत कराया।
युवा कर रहे शीर्ष कंपनियों का नेतृत्व
रक्षामंत्री ने अपनी दक्षिण कोरिया यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि आज ही कोरिया से लौटा हूं। मेरा मस्तक उस वक्त गर्व से ऊंचा हो गया, जब वहां के मंत्रियों ने बताया है कि यहां पर सर्वाधिक मान्यता हिंदुस्तान के युवाओं के स्टार्टअप की है। आज गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों का नेतृत्व हमारे युवा कर रहे हैं। हमारे पास क्षमता है, जो दुनिया का नेतृत्व कर सके, लेकिन ज्ञानवान के साथ संस्कारवान युवा तैयार करने होंगे। प्राचीन भारत के इतिहास को उठाकर देख लीजिए, दुनिया आज तकनीक के दौर में उन ऊंचाईयों को नहीं छू पाई है जो सात हजार वर्ष पहले भारत के ऋषि-मुनियों ने हासिल की। मैं स्वयं विज्ञान का छात्र रहा हूं, इसलिए कह सकता हूं कि भारत ने फिजिक्स, गणित, चिकित्सा या फिर इंजीनियरिंग का क्षेत्र हो जो मुकाम हासिल किया, वो दुनिया आज तक नहीं छू पाई। पृथ्वी के अस्तित्व को लेकर ऋषि-मुनियों ने जो कहा वो वैज्ञानिक तौर पर सिद्ध भी हो चुका है।
सरकार ने बिना विश्राम किया काम
सम्मेलन के बाद प्रेसवार्ता रक्षामंत्री ने कहा कि सरकार ने 100 दिनों के अंदर बिना विश्राम के काम किया है। जनता देख सकती है कि सरकार ने आम व्यक्ति और देश हित में बड़े फैसले लिए हैं। उन्होंने चंद्रयान-2 को लेकर कहा कि हमारे वैज्ञानिकों ने सराहनीय कार्य किया है। उनके काम की तारीफ होनी चाहिए, जैसा कि देशभर के लोग कर भी रहे हैं।