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डीएलएफ स्कूल मामले में दोषी अधिकारियों पर गिरेगी गाज

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डीएलएफ स्कूल मामले में दोषी अधिकारियों पर गिरेगी गाज
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गाजियाबाद। पॉलीटेक्निक कॉलेज की जमीन पर बने सेक्टर-2 राजेंद्रनगर डीएलएफ पब्लिक स्कूल मामले में जीडीए अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आई है। जीडीए ने दोषी अधिकारियों पर जांच बैठा दी है। जीडीए उपाध्यक्ष ने जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व कर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण की जांच से अब मामले की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं करने वाले प्रवर्तन और नक्शा पास करने वाले नियोजन अनुभाग के अधिकारी रडार पर हैं।
जन सुनवाई पोर्टल पर आई शिकायत की जांच में गड़बड़ी सामने आने पर जीडीए उपाध्यक्ष के आदेश पर बीते बृहस्पतिवार को डीएलएफ स्कूल के भूखंड का आवंटन निरस्त कर दिया गया था। शुक्रवार को जांच में अधिकारियों की संलिप्तता का आभाष होने पर जीडीए उपाध्यक्ष ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जीडीए उपाध्यक्ष के मुताबिक अप्रैल 1989 में हुई बोर्ड बैठक में पॉलीटेक्निक कॉलेज के लिए सेठ जय प्रकाश मुकुंदलाल संस्थान को 20924 वर्ग मीटर भूखंड का आवंटन किया गया था।
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फिर सेठ जयप्रकाश मुकुंदलाल संस्थान की जगह दरबारी लाल फाउंडेशन ने डीएलएफ स्कूल को नक्शा जमा कराया, जिसे जीडीए नियोजन अनुभाग ने पास कर दिया। नक्शे के पास होने और कंपाउंडिंग किस आधार पर हुई, यह सवालों के घेरे में है। दूसरी ओर जीडीए प्रवर्तन जोन सात के स्कूल बिल्डिंग निर्माण पर कोई कार्रवाई नहीं करने से संदेह खड़ा होता है। दस्तावेजों की सही से जांच नहीं करना और निर्माण के जारी रहने को सीधी लापरवाही मानते हुए जीडीए उपाध्यक्ष ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मुख्य रूप से प्रवर्तन जोन सात में तैनात अधिकारियों व कर्मियों के साथ नक्शा पास करने वाले नियोजन अनुभाग के अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।
सीबीएसई से मान्यता से पहले जीडीए ने कैसे दी एनओसी
राजेंद्रनगर में डीएलएफ स्कूल की बिल्डिंग के निर्माण के बाद मान्यता के लिए प्रबंधन ने सीबीएसई में आवेदन किया था। बोर्ड की शर्तों के अनुसार भूखंड को लेकर स्कूल प्रबंधन को जीडीए से एनओसी लेकर जमा करनी थी। ऐसे में भूखंड का स्वरूप पॉलीटेक्निक कॉलेज का होने से स्कूल के नाम कैसे एनओसी जारी हो गई इस पर सवाल उठ रहे हैं। जीडीए ने डीएलएफ पब्लिक स्कूल को मामले में नोटिस जारी किया है। तीन से चार दिनों में विस्तृत आदेश जल्द जारी किए जाएंगे।
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डीएलएफ स्कूल मामले में तत्कालीन प्रवर्तन व नियोजन अनुभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। ऐसे में जिम्मेदारी तय करने के लिए मामले में जांच बैठाई गई है। दोष साबित होने पर कार्रवाई की जाएगी। - कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए
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