अधिवक्ताओं ने हंगामा कर किया कोर्ट का बहिष्कार
गाजियाबाद। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय द्वारा जमानत अर्जी पर सुनवाई न करने के विरोध में अधिवक्ताओं ने सोमवार को हंगामा कर जमकर नारेबाजी की। मुकदमों की सुनवाई नहीं करने का आरोप लगा अधिवक्ताओं ने न्यायालय का बहिष्कार किया। बार अध्यक्ष ने बार काउंसिल को पत्र लिखकर न्यायाधीश को हटाने की मांग की। जिला न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं को कार्यालय में आमंत्रित कर आश्वस्त किया कि अब अपर न्यायालय की कोर्ट में जमानत से संबंधित मामले नहीं भेजे जाएंगे। इसके बाद अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
बार अध्यक्ष योगेंद्र कौशिक और सचिव नितिन यादव ने कहा कि अदालत में मुकदमों की सुनवाई नहीं होने से समय पर पीड़ितों को न्याय नहीं मिल रहा है। इस समय अलग-अलग अदालतों में डेढ़ लाख से अधिक मुकदमे लंबित हैं। अदालत में मुकदमों की सुनवाई नहीं होने पर अधिवक्ता मनोज नागवंशी ने अदालत के सामने आत्मदाह करने की घोषणा की। मामले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया और आग बुझाने के उपकरण, फायर ब्रिगेड, कंबल और पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। मनोज नागवंशी के हाथ से पेट्रोल की भरी हुई बोतल और माचिस छीन लिया। पुलिस के समझाने पर मामला शांत हो गया। इस मौके पर काफी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।
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