तकिये से मुंह दबाकर बेटी की हत्या
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साहिबाबाद के गरिमा गार्डन ने युवती अमरीन (19) की रविवार रात करीब दस बजे घर के अंदर ही तकिए से मुहं दबाकर हत्या कर दी गई। इसके बाद उसकी मां नफीसा ने पुलिस को फोन करके कहा, मैंने अपनी बेटी की हत्या कर दी है, मौके पर आ जाइए। उसने पड़ोस के लोगों को भी बताया कि बेटी को मार दिया है, अब कोई कुछ नहीं कहेगा।
पुलिस ने बताया कि हत्या के पीछे बेटी के चरित्र पर शक होने की वजह सामने आई है। अमरीन की कई युवकों से दोस्ती थी। इस पर पड़ोसी उसके बारे में तरह-तरह की बातें करते थे। उनकी बातों में आकर ही नफीसा ने अपनी बेटी की जान ले ली। पुलिस के मौका ए वारदात पर आने से पहले ही वह फरार हो गई।
पुलिस ने बताया कि नफीसा लाजपत नगर के निजी अस्पताल में कर्मचारी है। उसने अमरीन की हत्या करने से आधा घंटा पहले साढ़े नौ बजे छोटी बेटी नसरीन ( 12 ) और बेटे असद (10) को आलू लेने के बहाने बाजार भेज दिया था। दोनों दस बजे लौटे तो मां को बहन के शव के पास बैठे हुआ पाया। उन्होंने पुलिस को बताया कि मां कई बार कह चुकी थी कि पड़ोसी की बातों से तंग आ चुकी है। उसने अमरीन से कहा था कि वह किसी युवक से कोई संबंध न रखे, लेकिन वह मां की बात मानती नहीं थी। अमरीन को नशे की भी लत लग गई थी। इससे भी मां परेशान थी। पुलिस ने बताया कि नफीसा के पति की एक साल पहले मौत हो चुकी है। इसके बाद से ही अमरीन की शिकायत आनी शुरू हुई थी।
पड़ोसियों से कहा, अब कोई शिकायत नहीं करेगा
पुलिस ने बताया कि नफीसा ने फरार होने से पहले पड़ोसियों से कहा कि अब कोई अमरीन की शिकायत नहीं करेगा क्योंकि उसे खत्म कर दिया है। उसने उनसे कहा कि रोज-रोज लोगों की बातें सुनकर आजिज आ गई थी। आखिर कब तक बर्दाश्त करती। पुलिस ने बताया कि पड़ोसियों ने हत्या की सूचना नहीं दी।
सर्विलांस टीम से पुलिस खंगाल रही लोकेशन
वारदात के बाद नफीसा मौके से फरार हो गई। उसने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया। टीला मोड़ थाना पुलिस ने मोबाइल को सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन का पता लगाना शुरू कर दिया है। पुलिस अधीक्षक द्वितीय ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मां ने ही डायल 112 पर पहले बड़ी बेटी को सूचना दी थी। इसके बाद वह फरार हो गई। मृतका का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस मामले में परिवार की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है।