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गड़बड़ी : टीके काक डोज दूसरा, पोर्टल पर रजिस्टर्ड हुआ पहला

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गड़बड़ी : टीके काक डोज दूसरा, पोर्टल पर रजिस्टर्ड हुआ पहला
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गाजियाबाद। कोविन पोर्टल पर पहली डोज रजिस्टर्ड न होने से लोगों को दूसरी डोज पहली के रूप में लगवानी पड़ रहा है। इससे वैक्सीनेशन पूरा होने का प्रमाण न मिलने से लोग परेशान हैं। पहली डोज लगवाने के बाद रजिस्ट्रेशन करने के साथ ही प्रमाणपत्र भी दिया जा रहा था, लेकिन दूसरी डोज का समय आने तक हाथ से बनाए प्रमाणपत्र को कर्मचारी ही मानने से इंकार कर रहे हैं, क्योंकि पहली डोज पोर्टल पर अपडेट ही नहीं हुई है। इस तरह की परेशानी आए दिन केंद्रों पर देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा उन लोगों को परेशानी हो रही है, जिन्हें उत्तराखंड या किसी अन्य प्रदेश या विदेश जाना है। ऐसे लोग वैक्सीन की डोज लगवाने के बावजूद आरटीपीसीआर जांच कराकर उसकी रिपोर्ट ले जा रहे हैं।
सीएमओ कार्यालय में कार्यरत एक चिकित्साधिकारी का कहना है कि शुरुआती दौर में टीकाकरण में लगे स्वास्थ्यकर्मी सुबह 9 से शाम 5 बजे तक टीकाकरण करते थे, उसके बाद वैक्सीन लगवाने का पंजीकरण पोर्टल पर करते थे। कई बार अगले दिन भी अपलोड करते थे। संभावना है कि इस दौरान काम का दबाव बढ़ने और लगातार काम करने से किसी की जानकारी अपलोड करने में परेशानी आई हो। इस तरह की शिकायतें भी कई अस्पतालों से मिली थीं। जहां 400 वैक्सीन खर्च हुईं, लेकिन पोर्टल पर महज 50 या 60 ही अपलोड हो सकी थीं।
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शुरुआती दौर में पोर्टल में भी आई थी परेशानी
16 जनवरी से देश में टीकाकरण शुरू होने के दौरान जिले में भी टीके लगने शुरू हो गए थे। उस दौरान भी पोर्टल में दिक्कत आ रही थी। अधिकारियों ने तय किया था कि लाभार्थियों के नाम, आधार और मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज कर टीकाकरण किया जाए, बाद में पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर दिया गया। जनवरी से मार्च तक पोर्टल में दिक्कत के कारण रजिस्ट्रेशन में परेशानी हुई। इसके बाद स्लॉट बुकिंग शुरू की गई, जिससे कि रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित हो सके। बाद में केंद्रों पर ऑनस्पॉट पंजीकरण शुरू किया, लेकिन पहले पोर्टल पर हुई गड़बड़ी से अब लोगों को परेशानी हो रही है। हजारों लोग ऐसे हैं जिन्होंने वैक्सीन की दूसरी डोज भी लगवा ली है, लेकिन पोर्टल पर उनकी केवल पहली डोज ही रजिस्टर हो पाई है। कई मल्टीनेशनल कंपनियों में टीकाकरण के दोनों डोज का सर्टीफिकेट जमा करना है तो किसी को विदेश यात्रा पर जाने से पहले दोनों डोज का सर्टिफिकेट चाहिए।
पोर्टल की समस्या
इस तरह की शिकायतें आ रही हैं। वर्तमान में पोर्टल पर तो वही डोज चढ़ेगी, जो ऑनलाइन शो करेगा, लेकिन अगर किसी को पहली डोज लग चुकी है और उसके पास हाथ से बनाया गया विभाग का प्रमाणपत्र है तो वह दूसरी डोज पोर्टल पर पहली डोज के रूप में लगवा ले, प्रमाणपत्र के आधार पर ही समय होने पर दूसरी डोज अपडेट की जाएगी।
डॉ. एनके गुप्ता, सीएमओ
पहली डोज के रूप में लगवाई दूसरी डोज
वस़ुंधरा निवासी कविता ने पहली डोज आठ अप्रैल को ली थी। कई बार कोविन पोर्टल पर वैक्सीनेशन कराने की जांच की, लेकिन कोई रिकार्ड नहीं आया। इसके बाद वह प्रमाणपत्र पर लिखे समय के अनुसार दूसरी डोज लेेने पहुंची तो उन्हें पता चला कि अभी पहली डोज पोर्टल पर अपडेट ही नहीं है। दूसरी डोज लगवानी है, कैसे लगेगी यही समझ में नहीं आ रहा है।
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उत्तराखंड जाने के लिए कराई आरटीपीसीआर जांच
गोविंदपुरम निवासी अधिवक्ता गुंजन शर्मा ने बताया कि 18 से 44 उम्र के लोगों का रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ था तभी कोवैक्सीन की पहली डोज ले ली थी। एक माह बाद दूसरी डोज लगवाने के लिए सेंटर पर गया तो पहली ही डोज नहीं चढ़ी थी। वैक्सीन तो लगवा ली, लेकिन प्रमाणपत्र नहीं होने से उत्तराखंड जाने के लिए आरटीपीसीआर जांच करानी पड़ी।
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