कोरोना के बाद तीन कमरों के फ्लैट की बढ़ गई मांग
प्रद्युम्न उपाध्याय
गाजियाबाद। कोरोना की दूसरी लहर का असर कम हो गया है। कई महीने घर में गुजारने के बाद लोगों की भागदौड़ फिर से शुरू हो गई है। रियल एसस्टेट में मकानों की मांग में कोरोना का असर दिख रहा है। वक्र फ्रॉम होम, ऑनलाइन स्टडी और क्वारंटीन की वजह से लोग बड़ा घर लेना चाहते हैं। पिछले दो महीने में हुई 2500 फ्लैट की बुकिंग में यह दिख रहा है। इनमें 60 प्रतिशत फ्लैट थ्री बीएचके या उससे बड़े हैं। थ्री बीएचके की मांग बढ़ी है।
निर्माणाधीन प्रोजेक्टों में तीन बीएचके की संख्या अधिक
महानगर के राजनगर एक्सटेंशन, दिल्ली-मेरठ हाईवे, एनएच-9, क्रॉसिंग्स रिपब्लिक, इंदिरापुरम, सिद्धार्थ विहार सहित अन्य क्षेत्रों में चल रहे आवासीय प्रोजेक्ट में 25500 से अधिक रेडी-टू-मूव व निर्माणाधीन फ्लैट शामिल हैं। विभिन्न क्षेत्रों में अब 80 फीसदी फ्लैट नए निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में तैयार हो रहे हैं। इन फ्लैटों का पजेशन एक से दो सालों के अंदर प्रस्तावित है। ऐसे में लोगों के रुझान और मांग को देखते हुए नए प्रोजेक्ट में बिल्डर 60 फीसदी से अधिक तीन बीएचके व उससे बड़े भवनों का निर्माण कर रहे हैं। सबसे ज्यादा 7500 फ्लैट राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में हैं।
आवासीय योजनाओं में भी बढ़ा रुझान
कोरोना की दूसरी लहर आने से पहले तक जीडीए की व्यावसायिक, औद्योगिक के साथ आवासीय संपत्तियों की खूब बिक्री हुई थी। जीडीए की ओर से बेची गई 550 से अधिक संपत्तियों से उसे 275 करोड़ के करीब आय हुई थी। दूसरी लहर से पहले नीलामी व पहले आओ पहले पाओ योजना का शहरवासियों ने खूब लाभ उठाया। वर्तमान में प्राधिकरण की इंद्रप्रस्थ योजना, इंदिरापुरम, मधुबन बापूधाम, कोयल एंक्लेव, कर्पूरीपुरम, नंदग्राम व गोविंदपुरम योजना में आवासीय भवनों व भूखंडों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है।
कोरोना के चलते बदला लोगों का नजरिया
रियल एस्टेट में सबसे ज्यादा मांग दो बीएचके फ्लैटों की थी। लेकिन कोरोना के बाद मांग बदली है। कोरोना के दौरान छोटे दो बीएचके घरों में रहने वाले लोगों को होम क्वारंटीन के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों को मजबूरी में अस्पताल या फिर होम क्वारंटीन के लिए दूसरा विकल्प तलाशना पड़ा। दूसरी ओर वर्क फ्रॉम होम व बच्चों की ऑनलाइन क्लासेज के चलते भी बड़े भवनों को प्राथमिकता में शामिल करना इसका प्रमुख कारण है।
प्राधिकरण की नियमित नीलामी व पहले आओ पहले पाओ योजना के प्रति लोगों में रुझान देखने को मिला था। कोरोना काल होने के बावजूद प्राधिकरण की औद्योगिक और व्यावसायिक के साथ आवासीय संपत्तियों की खरीदारी के लिए लोग पूछताछ कर रहे हैं। - संतोष कुमार राय, सचिव, जीडीए
भवनों की खरीद को पूछताछ के लिए आने वाले लोगों की संख्या दोगुनी हुई है। सबसे ज्यादा मांग तीन बीएचके भवनों की है। ऐसे में नए व निर्माणाधीन प्रोजेक्टों में अब तीन बीएचके फ्लैटों के निर्माण को वरीयता दी जा रही है। नई व रीसेल आवासीय संपत्तियों में बीते दो माह में करीब ढाई हजार बुकिंग हुई है। - गौरव गुप्ता, अध्यक्ष, क्रेडाई गाजियाबाद