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पुलिस के सामने सबा और जुबैर ने मानी गलती

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पुलिस के सामने सबा और जुबैर ने मानी गलती
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गाजियाबाद/लोनी। बुजुर्ग की दाढ़ी काटने के मामले में भड़काऊ ट्वीट करने के आरोपी मोहम्मद जुबैर व सबा नकवी सोमवार को बयान दर्ज कराने के लिए लोनी बॉर्डर थाने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपनी गलती मानते हुए ट्वीट को पूर्व में ही डिलीट करने की बात रखी। करीब चार घंटे चली पूछताछ में पुलिस सवालों की बौछार करती रही, जिनमें से ज्यादा के जवाब दोनों नहीं दे सके। वहीं, पत्रकार राना अय्यूब के अधिवक्ता ने लोनी बॉर्डर थाने पहुंच वर्चुअल वार्ता का प्रस्ताव रखा, जिसे पुलिस ने खारिज कर दिया। केस के पांच आरोपियों की तरफ से अभी कोई जवाब नहीं आया है।
दाढ़ी काटने के प्रकरण में भड़काऊ ट्वीट करने के मामले में लोनी बॉर्डर पुलिस ने ट्विटर समेत नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस ने ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी समेत सभी आरोपियों को धारा 14ए के तहत नोटिस भेजकर थाने बुलाया था। ट्विटर इंडिया के एमडी कर्नाटक हाईकोर्ट चले गए, जबकि बाकी आरोपियों के जवाब का इंतजार किया जा रहा था। जवाब देने का आखिरी दिन 28 जून था। सोमवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे सबा नकवी और मोहम्मद जुबैर अपने बयान दर्ज कराने लोनी बॉर्डर थाने पहुंचे। शुरूआत में विवेचक व एसएचओ अखिलेश मिश्र ने दोनों से बात की। बाद में एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा थाने पहुंचे। उन्होंने दोनों से एक-एक कर सवाल किए। पुलिस और दोनों आरोपियों के बीच करीब 4 घंटे सवाल-जवाब का सिलसिला चला। दोपहर करीब तीन बजे दोनों मीडिया से बचते हुए निकल गए।
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अनजाने में हुई गलती, डिलीट कर दिया था ट्वीट
एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा का कहना है कि मोहम्मद जुबैर और सबा नकवी ने अनजाने में ट्वीट होने की बात कही। उन्होंने कहा कि अन्य प्लेटफार्म पर भी यही संदेश चल रहा था। उन्हें देखकर उन्होंने भी ट्वीट कर दिया। एसपी के मुताबिक दोनों ने अपनी गलती मानी है। साथ ही कहा कि पुलिस का स्पष्टीकरण आने व केस दर्ज होने के बाद उन्होंने ट्वीट डिलीट कर दिया। एसपी ग्रामीण का कहना है कि बयानों का रिव्यू किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर दोनों को फिर से बुलाया जा सकता है। एसपी ने बताया कि राना अय्यूब की तरफ से उनके अधिवक्ता थाने आए थे। उन्होंने वर्चुअली वार्ता का प्रस्ताव रखा, जिसे खारिज करते हुए तीन दिन के अंदर थाने आने के लिए कहा गया है।
पुलिस ने ये पूछे सवाल......
- संवेदनशील मामले में भड़काऊ ट्वीट क्यों किया गया?
- पुलिस द्वारा खंडन करने के बाद भी ट्वीट डिलीट क्यों नहीं किया?
- केस दर्ज होने के बाद पुलिस से संपर्क क्यों नहीं किया?
- नोटिस भेजने के बाद जवाब क्यों नहीं दिया गया?
- कैसे मान लें कि आपकी मंशा गलत नहीं थी?
- क्यों न आपके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए?
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