गाजियाबाद के हाउस टैक्स बढ़ाने का मामला पहुंचा सीएम के पास
गाजियाबाद। नगर निगम के इतिहास में अब तक एक मुश्त सबसे ज्यादा 15 फीसदी हाउस टैक्स बढ़ोतरी का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। भाजपा पार्षद हिमांशु मित्तल ने नगर निगम अफसरों पर मनमानी के आरोप लगाते हुए शिकायत भेजी है। उन्होंने कहा है कि नगर निगम अधिनियम की संपत्ति कर से संबंधित धारा 174, 207 से 211 और नियम 4,5 व 6 की अवहेलना कर हाउस टैक्स में 15 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई है। अधिकारियों ने टैक्स बढ़ोतरी से पहले नगर निगम बोर्ड से प्रस्ताव को पास नहीं कराया है।
भाजपा पार्षद की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कोरोना की वजह से पूरे शहर में लोगों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। लंबे समय तक लोगों के कारोबार बंद रहे हैं, नौकरियां छूट रहीं हैं। ऐसे समय में हाउस टैक्स में एतिहासिक 15 फीसदी की बढ़ोतरी करना ठीक नहीं है। इससे केंद्र व राज्य सरकार की छवि भी खराब हो रही है। उन्होंने गाजियाबाद नगर निगम के टैक्स बढ़ोतरी के निर्णय को निरस्त किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि टैक्स बढ़ोतरी वापस न ली गई तो वह हाईकोर्ट की शरण में जाएंगे।
सपा शासनकाल में विरोध करने वाले भाजपा पार्षद ने अब टैक्स बढ़ाने का किया समर्थन
नगर निगम के वरिष्ठ पार्षद राजेंद्र त्यागी ने सपा शासनकाल में वर्ष 2016 में हाउस टैक्स बढ़ोतरी का विरोध किया था। उनके अलावा भाजपा पार्षद हिमांशु मित्तल, मुकेश त्यागी ने संयुक्त हस्ताक्षर से एक शिकायती पत्र तत्कालीन नगर विकास मंत्री आजम खां को भेजा था। उन्होंने एडवांस टैक्स जमा करने में साल भर मिलने वाली 20 फीसदी छूट को स्लैब में विभाजित किए जाने का भी विरोध किया था। अब राजेंद्र त्यागी भी इस बढ़ोतरी का समर्थन कर रहे हैं।