पुलिस ने 6 बच्चों के फोटो दिखाए, परिजनों ने पहचानने से किया इनकार
लोनी। डाबर तालाब कॉलोनी में 14 दिन का बच्चा बेचने के मामले में पुलिस अभी तक आधा दर्जन बच्चों के फोटो परिजनों को दिखा चुकी है। परिजनों ने फोटो में दिए सभी बच्चों को पहचाने से इनकार किया है। वहीं, सामने आने पर परिजनों ने पहचाने की बात कही है। उधर हिरासत में ली गईं महिलाएं लगातार पुलिस को गुमराह कर रही है। गुमराह करने पर पुलिस एक सप्ताह बाद भी बच्चे को बरामद नहीं कर सकी है। पुलिस महिलाओं के बताए करीब एक दर्जन ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है।
डाबार तालाब कॉलोनी में 12 मई को बिचोलिए, गैंग के सदस्य और परिजनों में करीब ढाई लाख में सौदा हुआ था। आरोपी बच्चे को खरीद लिया और अपने साथ भी ले गए। बच्चे को साथ ले जाने बाद बिचौलिए और परिजनों को यह नहीं पता कि अब बच्चा कहां है। बिचौलिए ने बच्चा तो बिकवा दिया, लेकिन उस बच्चे के साथ क्या होगा इसका उसे पता नहीं है। सख्त पूछताछ के बाद पुलिस बिचौलिए के माध्यम से कुछ महिलाओं तक तो पहुंची है, लेकिन बच्चे के बारे में पता नहीं कर सकी है। हिरासत में ली महिलाओं द्वारा बताए गए ठिकानों पर पुलिस ने छापेमारी की है। पुलिस ने कुछ स्थानों पर मिले बच्चे के फोटो भी परिजनों को दिखाए हैं। लेकिन परिजनों ने फोटो में बच्चे को पहचाने से इनकार कर दिया है। अब पुलिस बच्चे के परिजनों को साथ लेकर छापेमारी कर रही है। पुलिस लखनऊ, दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा समेत अन्य स्थानों पर दबिश दे रही है। 10 दिनों में करीब 32 दबिशों के बाद भी पुलिस बच्चे तक नहीं पहुंची है। पुलिस का कहना है कि बिचौलिए ने परिजनों से बच्चा लिया। इसके बाद गैंग के लोग बच्चे को साथ ले गए। गैंग के सदस्यों ने भी बच्चे को कहीं और भेज दिया है। माना जा रहा है कि बच्चा बिकने के बाद कई हाथों से होकर गुजरा है। पुलिस जिन-जिन हाथों में से होकर गुजरा है बच्चा, उसकी चेन बना रही है। बनी चेन के आधार पर पुलिस मुख्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।