गाजियाबाद के सिहानी गेट थानाक्षेत्र के नेहरू नगर थर्ड में कॉन्वेंट स्कूल की अध्यापिका ऊषा चंद्रन (55) ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। गत 22 अप्रैल को ही उनके पति रविचंद्रन की कोरोना से मौत हुई थी। ऊषा चंद्रन की बड़ी बेटी भी कोरोना संक्रमण के चलते अस्पताल में थी, जिसे मंगलवार को डिस्चार्ज होना था लेकिन डिस्चार्ज होने से पहले ही मां ने मौत गले लगा ली। पुलिस का कहना है कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पति की मौत के बाद महिला डिप्रेशन में थी।
पुलिस के मुताबिक ऊषा चंद्रन होली चाइल्ड स्कूल में इंग्लिश टीचर थीं। उनके पति रविचंद्रन निजी कंपनी में कार्यरत थे। बीते दिनों वह कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए। काफी उपचार कराने के बाद भी कोई आराम नहीं लगा और गत 20 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। इसके अलावा बड़ी व विवाहित बेटी स्वाति चंद्रन भी कोरोना संक्रमण की चपेट आने पर अस्पताल में भर्ती हो गई। इससे ऊषा चंद्रन डिप्रेशन में आ गईं।
पुलिस के मुताबिक डिप्रेशन में आने के चलते ऊषा चंद्रन के जेठ-जेठानी उन्हें अपने साथ ले गए। घर पर सिर्फ छोटी बेटी श्रेया चंद्रन थी। ऊषा चंद्रन ने घर जाने की इच्छा जाहिर की, जिसके चलते जेठ मंगलवार को उन्हें उनके घर पर छोड़ गए। कुछ घंटों बाद ही बेड पर कुर्सी के सहारे उषा चंद्रन ने पंखे पर दुपट्टे से फंदा डाला और उस पर झूल गईं।
पता होता तो घर पर छोड़कर नहीं जाते
घटना की जानकारी लगते ही ऊषा चंदन के जेठ-जेठानी व अन्य परिजन मौके पर पहुंच गए। जेठ का कहना है कि अगर उन्हें पता होता कि ऊषा यह कदम उठाएंगीं तो वह हरगिज उन्हें घर पर छोड़कर नहीं जाते। सिहानी गेट एसएचओ कृष्ण गोपाल शर्मा का कहना है कि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। जिसके चलते पंचनामा भरकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। संभवत: डिप्रेशन में यह कदम उठाया गया है। चंदन की बड़ी बेटी अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर आ चुकी है।