फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेमडेसिविर के रिकॉर्ड में मिली खामी, हॉस्पिटल को नोटिस

विज्ञापन
विज्ञापन
रेमडेसिविर के रिकॉर्ड में मिली खामी, हॉस्पिटल को नोटिस
विज्ञापन

गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण की महामारी के दौरान अस्पतालों से रेमडेसिविर की किल्लत की शिकायतों के मद्देनजर पुलिस व प्रशासन की टीम ने बुधवार रात से बृहस्पतिवार शाम तक पांच अस्पतालों में छापा मारकर हकीकत का जायजा लिया। इस दौरान नेहरूनगर स्थित गणेश, लोहियानगर स्थित नागर, वसुंधरा स्थित लीक्रिस्ट व अटलांटा और मोहननगर स्थित नरेंद्र मोहन अस्पताल में रेमडेसिविर की डिमांड और सप्लाई के रिकॉर्ड को जांचा। इस दौरान टीम को नागर अस्पताल के रिकॉर्ड में भारी अनियमितता मिलीं। जिला प्रशासन ने नागर अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर तमाम शिकायतों के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन और ड्रग एवं औषधि विभाग की टीम ने जिले के 5 अस्पतालों में छापेमारी की। इस दौरान नागर अस्पताल के रिकॉर्ड में खामी मिली। बाकी चार अस्पतालों में मामूली अनियमितताएं थीं, जिन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। नगर अस्पताल है प्रशासन ने स्पष्टीकरण तलब किया है।
विज्ञापन

ढाई सौ इंजेक्शन लिए, किसे दिये, पता नहीं
टीम में शामिल अधिकारियों के मुताबिक नागर अस्पताल में रेमडेसिविर इंजेक्शन के रिकॉर्ड में तमाम अनियमितता मिलीं। अस्पताल द्वारा प्राइवेट वेंडर से 250 रेमडेसिविर इंजेक्शन लिए गए, लेकिन रिकॉर्ड में यह नहीं मिला कि इंजेक्शन किसे दिए गए। साथ ही जो इंजेक्शन सप्लाई किए गए, उन मरीजों का रिकॉर्ड भी अस्पताल में नहीं मिला। इसके अलावा नागर अस्पताल को गत 25 अप्रैल से ही कोविड-19 ताल घोषित किया गया था। लेकिन अस्पताल द्वारा रेमडेसिविर की सप्लाई बहुत पहले से हो रही थी। अधिकारियों का कहना है कि सभी अस्पतालों का रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया गया है।
स्टॉक का देना होगा रिकॉर्ड
अधिकारियों के मुताबिक अगर कोविड अस्पताल इंजेक्शन की उपलब्धता के बावजूद मरीजों के तीमारदारों से रेमडेसिविर इंजेक्शन लाने की मांग करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अस्पतालों से इंजेक्शन के स्टॉक की समाप्ति और उपलब्धता की तारीख और समयवार रिकॉर्ड देने को कहा गया है। रिकॉर्ड को लेकर अनियमितता पाए जाने पर किसी भी अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

------------
50 बेड के अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाना अनिवार्य
जिले के कोविड नोडल अधिकारी सैंथिल पांडियन सी ने कोरोना संक्रमण के हालात जानने के लिए जिले के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। पांडियन सी ने कहा कि जिन अस्पतालों में 50 बेड हैं, वहां ऑक्सीजन प्लांट लगाना अनिवार्य है। संबंधित अधिकारियों को उन्होंने इस अनिवार्यता को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही इसके सत्यापन का जिम्मा उन्होंने प्रभारी सीएमओ को सौंपा। उन्होंने एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा, अपर नगर मजिस्ट्रेट (प्रथम) खालिद अंजुम, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील त्यागी एवं पुलिस के नामित प्रभारी निरीक्षक को दिशा-निर्देश जारी किए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें