भयावह हुआ करोना का प्रकोप.....। गाजियाबाद जिला एमएमजी अस्पताल के बाहर छटपटाता रहा कोरोना मरीज। जब स
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एक घंटे इलाज के लिए तड़पता रहा कोरोना का मरीज
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ ही मरीजों के इलाज में परेशानी भी बढ़ने लगी है। शनिवार को एमएमजी अस्पताल में कोरोना संक्रमित एक घंटे तक इलाज के लिए तड़पता रहा। हालात खराब होने पर वह इमरजेंसी के बाहर फार्मासिस्ट कार्यालय के सामने जमीन पर ही लेट गया। मामले की जानकारी सीएमएस डॉ. अनुराग भार्गव को दी गई तो उन्होंने पहुंचकर मरीज को प्राथमिक इलाज दिलाया।
सेवानगर निवासी शिवराज सिंह (56) तबीयत खराब होने पर 11:30 बजे एमएमजी अस्पताल में कोरोना की जांच कराने आए थे। एंटीजन जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने तेज बुखार के साथ सीने में दर्द की शिकायत की। दोपहर 12 बजे वह इमरजेंसी में इलाज के लिए पहुंचे तो वहां से भगा दिया गया। तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण वह इमरजेंसी के बाहर ही जमीन पर लेट गए। 12:45 बजे अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनुराग भार्गव को मामले की जानकारी दी गई। इसके बाद वह इमरजेंसी पहुंचे और मरीज को प्राथमिक इलाज दिलवाया। बाद में उसे एंबुलेंस से कोविड अस्पताल भिजवाया गया।
नंबर आने से पहले ही बंद कर दिया टीकाकरण
संजय नगर के पी ब्लॉक निवासी सुधीर जैन ने बताया कि वह प्राइवेट अस्पताल में कोरोना से बचाव का टीका लगवाने गए थे। वहां वैक्सीन समाप्त हो गई तो वह पत्नी के साथ संयुक्त अस्पताल पहुंच गए। उन्हें 315 और उनकी पत्नी को 317 नंबर टोकन दिया गया। सुधीर ने आरोप लगाया कि उनका नंबर आया नहीं और अस्पताल स्टॉफ द्वारा बताया गया कि सभी को वैक्सीन लगा दी गई है, अब कल आइएगा। इस मामले में सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता का कहना है कि जिले में वैक्सीन की पर्याप्त डोज है। हो सकता है किसी प्राइवेट अस्पताल में लक्ष्य पूरा हो गया हो और लाभार्थी अधिक हो गए होंगे। उन्होंने बताया कि संयुक्त अस्पताल में पर्याप्त टीका है।