शहर में फॉगिंग करने वाले नगर निगम के वाहन अब अपने निर्धारित रूट से नहीं हटेेंगे। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने इस बार उनका रूट चार्ट निर्धारित कर दिया है। इन वाहनों में लगा जीपीएस (ग्लोबल पॉजिशनिंग सिस्टम) इनकी लोकेशन बताएगा। फॉगिंग वाले वाहन चालकों ने अपना निर्धारित रूट बदला तो दफ्तर में बैठे अधिकारियों को भी पता चल जाएगा। इस नई व्यवस्था से फॉगिंग पर निगरानी रखना आसान हो जाएगा। नगर निगम हर साल फॉगिंग का शेड्यूल तो तैयार करता था, लेकिन वाहनों का रूट तय नहीं होता था। इन वाहनों में जीपीएस भी नहीं लगा होने से मॉनिटरिंग नहीं हो पाती थी। निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक फॉगिंग किए जाने का दावा किया जाता था, लेकिन क्षेत्र के लोग इससे इंकार करते थे। फॉगिंग न होने की शिकायतें अमूमन रोजाना नगर निगम में पहुंचती थीं। अब निगम के स्वास्थ्य विभाग ने फॉगिंग के लिए नई व्यवस्था की है। निगम ने पांच बड़ी और पांच मिनी फॉगिंग मशीनों का रूट चार्ट तय करके शेड्यूल बना दिया है। हर जोन में एक-एक बड़ी मशीन और एक मिनी फॉगिंग मशीन तैनात की जाएंगी। यह मशीनें रूट चार्ट के हिसाब से रोजाना कॉलोनियों के मुख्य मार्गों पर फॉगिंग करेंगी।