प्रदूषण से निपटने को बनाई तिकड़ी, मिलकर खोजेंगे जाम का समाधान
गाजियाबाद/साहिबाबाद। प्रदूषण में घुटने को मजबूर शहर के लोगों को आने वाले दिनों में राहत मिल सकती है। तीन बड़ी संस्थाएं प्रदूषण से लड़ने के लिए एक साथ जुड़ गई हैं। उम्मीद कर सकते हैं कि यह तिकड़ी प्रदूषण पर प्रहार करेगी और हवा की गुणवत्ता बेहतर होगी। इस काम के लिए नगर निगम, दिल्ली आईआईटी और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मिलकर काम करेंगे। कार्रवाई और जिम्मेदारी तय हो गई है। एक्शन होना और असर दिखना बाकी है।
इस बारे में बीते शुक्रवार को पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और महापौर आशा शर्मा की मौजूदगी में दिल्ली में एक एमओयू (समझौता पत्र) तैयार कर तीनों पक्षों ने हस्ताक्षर किए। तीनों विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। दो कमेटियों का भी गठन किया गया है। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) के तहत प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए यह कवायद शुरू की गई है। प्रदूषण के खात्मे के लिए तीनों संस्थाओं के द्वारा एक्शन प्लान तैयार कर लिया गया है। इस प्लान में अल्पकालीन व दीर्घकालीन सुझाव बताए गए हैं। इनमें शहर में इलेक्ट्रिक बस संचालित करने, मल्टीलेवल पार्किंग बनाने से लेकर नए बाईपास रोड बनाए जाने के भी सुझाव दिए हैं। प्लान पर अब तीनों विभाग मिलकर काम करेंगे। प्रदूषण नियंत्रण के लिए बने इस प्लान को लागू करने के लिए गठित की गई समितियों में परिवहन विभाग, इनवायरमेंटेल सेफ गार्ड कंसलटेंट वर्ल्ड बैंक और क्लीन एयर एशिया के पदाधिकारियों को भी शामिल किया गया है। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि एमओयू साइन होने के बाद अब औपचारिकताओं को पूरा करके प्रदूषण नियंत्रण के लिए दिए गए अल्पकालीन सुझावों का क्रियान्वयन जल्द ही शुरू किया जाएगा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि यूपीपीसीबी गुणवत्ता के लिए डाटा तैयार करेगी। इसके साथ ही आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना शुरू करेगी और परामर्श में जरूरत पड़ने पर एक नया प्लान तैयार करेगी। वहीं आईआईटी दिल्ली के एक्सपर्ट यूपीपीसीबी की ओर से तैयार किए गए एक्शन प्लान को विश्लेषण करेगी। जिसके साथ ही कार्रवाई के बिंदुओं को और बेहतर बनाने का सुझाव देगी। इसके साथ ही प्रदूषण को कम करने के लिए आईआईटी दिल्ली के एक्सपर्ट्स अपने सुझाव भी देंगे।
सीनियर अधिकारी करेंगे निगरानी
प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जाने वाले कार्यों पर निगरानी के लिए बनी सिटी लेवल मॉनिटरिंग कमेटी के अध्यक्ष नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर को बनाया गया है। अपर नगरायुक्त इस समिति में सदस्य सचिव होंगे। उनके अलावा जीडीए के मुख्य अभियंता, एआरटीओ, एसपी ट्रैफिक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी, जल निगम के चीफ इंजीनियर, नगर निगम के महाप्रबंधक (जल), नगर निगम के चीफ इंजीनियर, नगर स्वास्थ्य अधिकारी और अग्निशमन अधिकारी समिति के सदस्य रहेंगे।
पांच अफसर देखेंगे एयर क्वालिटी मैनेजमेंट सेल
एयर क्वालिटी मैनेजमेंट सेल का गठन किया गया है। इसमें अपर नगरायुक्त प्रमोद कुमार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अध्यक्ष उत्सव शर्मा, एनवायरोमेंटल सेफ गार्ड कंसल्टेंट वर्ल्ड बैंक की ओर से नंदनी चौधरी, क्लीन एयर एशिया की ओर से कंट्री डायरेक्टर प्रार्थना वोहरा और नगर स्वास्थ्य अधिकारी को शामिल किया गया है। यह सेल भी प्रदूषण के स्तर पर और नियंत्रण के लिए किए जा रहे कार्यों पर निगरानी रखेंगे।
नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए नगर निगम 15वें वित्त आयोग के फंड से पहले ही विस्तृत योजना केे लिए बजट पास कर चुका है। इस बजट से शहर को धूलमुक्त करने पर 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शहर के 200 पार्कों को विकसित कराने के अलावा कई अन्य योजनाओं पर जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा।