संतोष हॉस्पिटल के ट्रस्टी को धमकी
गाजियाबाद। संतोष हॉस्पिटल के ट्रस्टी डॉ. संतोष महालिंगम व उनके प्रतिनिधि डी. बलराम को धमकी देने का मामला सामने आया है। तहरीर के आधार पर विजयनगर पुलिस ने फाइनेंस कंपनी के निदेशक रुद्रसेन सिंधू व उसके प्रतिनिधि समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक मामला करोड़ों के लोन के लेनदेन से संबंधित है। मामले की जांच कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
अहिंसा खंड इंदिरापुरम के एटीएस एडवांटेज सोसायटी निवासी डॉ. संतोष महालिंगम का कहना है कि वह प्रताप विहार सेक्टर सेक्टर-12 स्थित महाराजी एजुकेशनल ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं। उनका व प्रताप-विहार सेक्टर-12 निवासी उनके अधिकृत प्रतिनिधि डी. बलराम का कार्यस्थल प्रताप विहार सेक्टर तथा पुराना बस अड्डा स्थित संतोष हॉस्पिटल है। उनका कहना है कि जनवरी 2009 व अप्रैल 2009 में महाराजी एजुकेशनल ट्रस्ट व संतोष हॉस्पिटल द्वारा मैसर्स सिंधू ट्रेड लिंक्स लिमिटेड से 15 करोड़ रुपये का लोन लिया गया था। वर्ष 2015 तक उनके द्वारा ब्याज सहित 20 करोड़ 92 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। डॉ. संतोष महालिंगम का कहना है कि 18 मार्च 2015 को महाराजी एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा ट्रिपुंड मोटर्स एंड जनरल फाइनेंस से एक लोन एग्रीमेंट के तहत 35 करोड़ रुपये उधार लिए थे। उसी दिन ट्रिपुंड मोटर्स एंड फाइनेंस कंपनी द्वारा सिंधू ट्रेड लिंक्स लिमिटेड के खाते में 25 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। 2015 से 2020 तक वह ट्रिपुंड मोटर्स एवं जनरल फाइनेंस को 8 करोड़ 66 लाख रुपये भुगतान कर चुके हैं। डॉ. संतोष महालिंगम का कहना है कि बकाया दी जाने वाली धनराशि को तय करने के लिए वह अपने पिता के साथ सिंधू ट्रेड लिंक्स के निदेशक रुद्रसेन सिंधू से कई बार मिले। डॉ. संतोष महालिंगम का कहना है कि गत 11 फरवरी की दोपहर साढ़े 12 बजे हथियारों से लैस दो बदमाश जे-ब्लॉक प्रताप विहार स्थित उनके छात्रावास और स्टाफ क्वार्टर में आ घुसे और अपने बॉस रुद्रसेन सिंधू को जगह का मालिक बताते हुए छात्रावास व स्टाफ क्वार्टर खाली करने को कहा। आरोप है कि इसके बाद भी रुद्रसेन सिंधू व उसके प्रतिनिधि दलीप नागर ने अपने बदमाशों ने उन्हें धमकी दिलवाई। घटना के संबंध में डॉ. संतोष महालिंगम व उनके प्रतिनिधि ने विजयनगर थाने में तहरीर दी। सीओ प्रथम अभय कुमार मिश्र का कहना है कि रुद्रसेन सिंधू, दलीप नागर व तीन अन्य लोगों के खिलाफ धमकी का केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।