ठेलों पर बने लजीज व्यंजनों का मजा अब गाजियाबाद के लोग ऑनलाइन आर्डर कर ले सकेंगे। डूडा (जिला नगरीय विकास अभिकरण) के अधिकारी अब शहर के फूड ठेले वालों को भी ऑनलाइन फूड डिलीवरी एप से जोड़ेंगे। अब तक 42 ठेले वालों का पंजीकरण किया जा चुका है और जल्द ही 100 और को जोड़ा जाएगा।
दरअसल, कोरोना संक्रमणकाल में ठेले-पटरी वालों का कारोबार चौपट हो गया था। डूडा अब उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत बैंकों से 10-10 हजार रुपये का लोन दिलाकर दोबारा कारोबार खड़ा कराने का प्रयास कर रहा है। इस बार खाद्य पदार्थ (टिक्की, चाट, चाइनीज फूड, दक्षिण भारतीय खाना आदि) वाले दुकानदारों को फूड डिलीवरी एप से भी जोड़ा जा रहा है। डूडा विभाग ऐसे ठेले वालों को नामचीन एप से जोड़ रहा है जो गुणवत्ता के मामले में खरे उतरते हैं। फिलहाल ऐसे 142 ठेले दुकानदारों को चयनित किया गया है।
ऑनलाइन एप का शुल्क भी डूडा जमा कराएगा
ऑनलाइन फूड डिलीवरी एप से दुकानदार को जुड़ने के लिए करीब 1500 रुपये पंजीकरण शुल्क देना पड़ता है। डूडा के अधिकारियों का कहना है कि उनके विभाग के माध्यम से इस एप से जुड़ने वाले ठेले-पटरी दुकानदार को यह शुल्क नहीं देना होगा। उस रकम का भुगतान डूडा कराएगा।
बढ़ जाएगा कारोबार का दायरा
ठेले-पटरी दुकानदारों के कारोबार का दायरा बेहद सीमित रहता है। उसके आसपास के क्षेत्र के लोग ही ऐसे ठेले दुकानदारों के पास पहुंच पाते हैं। ऐसे में उनका कारोबार भी ज्यादा फल-फूल नहीं पाता है। ऑनलाइन फूड डिलीवरी एप से जुड़ने के बाद शहर के किसी भी कोने से उन्हें खाद्य पदार्थों का ऑर्डर मिल सकता है। यानी राजनगर की चाट अगर कोई इंदिरापुरम में मंगाना चाहता है तो वह ऑनलाइन ऑर्डर करके मंगा सकता है। परियोजना अधिकारी, डूडा पवन कुमार शर्मा ने बताया कि फूड वैन और ठेलों पर कारोबार करने वाले दुकानदारों को फूड डिलीवरी एप से जोड़ने की पहल शुरू की गई है। अभी तक 42 दुकानदारों को इस एप से जोड़ा जा चुका है, जल्द ही करीब 100 अन्य दुकानदारों को इस एप से जोड़ा जाएगा। इस एप से जुड़ने में दिलचस्पी रखने वाले ठेले-पटरी दुकानदार डूडा कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।