फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रैपिड ट्रेन के ब्रेकिंग सिस्टम से पैदा होगी बिजली

विज्ञापन
ghaziabad news
विज्ञापन
रैपिड ट्रेन के ब्रेकिंग सिस्टम से पैदा होगी बिजली
विज्ञापन

गाजियाबाद। दिल्ली से गाजियाबाद और मेरठ तक प्रस्तावित रैपिड रेल कॉरिडोर की ट्रेन का डिजाइन और स्वरूप फाइनल चरण में पहुंच गया है। रैपिड ट्रेन लोगों को आरामदायक सफर मुहैया कराने के साथ बिजली की खपत को कम करेगी। रैपिड ट्रेन में विशेष रिजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम इस्तेमाल होगा। इस ब्रेकिंग सिस्टम के जरिए ट्रेन में ब्रेक का प्रयोग करने पर बिजली पैदा होगी। फिर यह बिजली ट्रेन के ओवरहेड ट्रैक्शन के जरिए ग्रिड में चली जाएगी।
रिजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम के जरिए बिजली की खपत लगभग 30 प्रतिशत कम हो जाएगी। सिस्टम के जरिए एनसीआरटीसी को सलाना बिजली में लाखों की बचत होगी। आरआरटीएस ट्रेन में एक बार में लगभग 1700 लोग यात्रा कर सकेंगे। ट्रेन में 400 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। रैपिड ट्रेन का साहिबाबाद से दुहाई के बीच मार्च 2023 में संचालन शुरू होते ही सड़कों पर वाहनों का दबाव कम हो जाएगा। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि आरआरटीएस ट्रेनें रिजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम से लैस होगी। सिस्टम में ब्रेक लगाने पर बिजली पैदा होने के साथ 30 फीसदी बिजली की खपत कम हो जाएगी।
विज्ञापन

कॉरिडोर शुरू होने से एक लाख वाहन सड़कों से हो जाएंगे कम
एनसीआरटीसी की ओर से कराए गए आंतरिक सर्वे के मुताबिक रैपिड रेल के दिल्ली से मेरठ तक 82 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के 2025 में शुरू हो जाने से कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन में पर्याप्त कमी आने के साथ ग्रीनहाउस गैस का प्रभाव कम होगा। एक अंदाज के अनुसार आरआरटीएस सिस्टम के बनने से सड़क पर लगभग एक लाख गाड़ियां कम हो जाएंगी। जिससे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के प्रदूषण में भारी कमी आएगी।
विशेष ब्रेकिंग सिस्टम से ट्रेन के कलपुर्जों की बढ़ जाती है उम्र
रैपिड ट्रेन में रिजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम के परिणाम स्वरूप ट्रेन के पहिये, ब्रेक पैड और ट्रेन (रोलिंग स्टॉक) के पुर्जे आदि कम खराब होते हैं। ब्रेकिंग सिस्टम से कलपुर्जों की उम्र बढ़ जाती है। ट्रेन के रखरखाव के दौरान इन अतिरिक्त भागों, वस्तुओं की काफी कम खपत होती है। जिससे इन स्पेयर पार्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग करते समय उत्पन्न होने वाले कार्बन डाईऑक्साइड में भी कमी आएगी।
विज्ञापन

प्राथमिकता वाले खंड में तेजी से जारी है काम
एनसीआरटीसी को साहिबाबाद से दुहाई तक प्राथमिकता वाले सेक्शन को मार्च 2023 से संचालन में सफलता मिलती दिखाई दे रही है। साहिबाबाद से दुहाई के बीच रैपिड का निर्माण कार्य तेज गति से जारी है। साहिबाबाद से दुहाई तक कुल 525 पिलर्स का निर्माण होना है। इनमें से 390 से अधिक का निर्माण पूरा किया जा चुका है। निर्माण कार्य की गति को देखते हुए एनसीआरटीसी की ओर से सिविल संबंधी कार्य 2022 तक काम पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। प्राथमिकता वाले खंड में साहिबाबाद से मेरठ रोड व मेरठ रोड से दुहाई तक दोनों भागों में करीब डेढ़ किमी का एलिवेटेड ट्रैक (वायडक्ट) का निर्माण पूरा हो चुका है। केवल इस पर रैपिड की पटरी बिछना बाकी है। एलिवेटेड ट्रैक तैयार करने के लिए और वसुंधरा कास्टिंग यार्ड में गार्डर को एलिवेटेड ट्रैक पर लाँच करने के लिए प्राथमिकता वाले खंड में आठ लॉंचिंग गैंट्री मशीनों को लगाया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें