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नई योजनाएं लाने को जमीन का हो रहा इंतजाम

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जीडीए
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नई योजनाएं लाने को जमीन का हो रहा इंतजाम
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गाजियाबाद। भूमाफिया से जमीन कब्जामुक्त कराने की जीडीए की कार्रवाई लगातार जारी है। जमीन को कब्जामुक्त कराकर लैंडबैंक तैयार किया जाएगा। इस लैंडबैंक का इस्तेमाल जीडीए की ओर से शहर के विकास से जुड़ी नई-नई योजनाओं को लाने में होगा। लैंडबैंक तैयार होने से सबसे ज्यादा लाभ प्रधानमंत्री आवास योजना को मिलेगा। पीएम आवास के विभिन्न प्रोजेक्ट के लिए जीडीए को जमीन नहीं तलाशनी होगी।
दूसरी ओर लैंड बैंक तैयार होने से जीडीए को अपनी आय बढ़ाने में मदद मिलने के साथ फंड की कमी से धीमी गति से चल रही विकास योजनाओं को रफ्तार देने में मदद मिलेगी। बीते दो माह से भूमाफिया के साथ अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई जारी है। शासन के साथ मंडलस्तर से भी भूमाफिया के खिलाफ जारी अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है। महानगर में भूमाफिया के खिलाफ जारी अभियान की जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करुणेश ने समीक्षा बैठक ली थी। इसमें उन्होंने कार्रवाई के साथ सभी प्रवर्तन जोन प्रभारियों को कब्जे वाली जमीन का ब्योरा तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
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जीडीए अधिकारियों के मुताबिक सप्ताह में विभिन्न जोन में कब्जे वाली जमीन का विस्तृत ब्योरा तैयार होने के बाद आने वाले दिनों में भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई और तेज होगी। दूसरी ओर विभिन्न जोन में कब्जे वाली जमीन पर अगर कोई मुकदमा चल रहा है तो कोर्ट में मजबूत पैरवी कर उनका निस्तारण कराया जाएगा। साथ ही जमीन को कब्जामुक्त कराकर नई योजनाएं लाने का खाका तैयार किया जाएगा।
विभिन्न जोन में 355 एकड़ जमीन पर है अवैध कब्जा
जीटीए के विभिन्न जोन में करीब 355 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा है। ऐसे में भूमाफिया से जमीन कब्जामुक्त कराने का प्राधिकरण का अभियान लगातार जारी है। जीडीए को बड़े पैमाने पर जमीन कब्जामुक्त कराने में सफलता भी हासिल हुई है। इसमें कुछ फीसदी वह जमीन भी शामिल है, जहां विभिन्न योजनाओं में प्राधिकरण की ओर से जमीन अवार्ड होने के बावजूद कब्जा नहीं लिया गया। बाद में जमीन को लेकर किसान कोर्ट चले गए। ऐसी जमीन मुख्य रूप से प्राधिकरण की इंद्रप्रस्थ योजना, प्रताप विहार, नंदग्राम, गोविंदपुरम आदि योजनाओं में है।
तीन श्रेणियों में शामिल है कब्जे वाली जमीन
जीडीए के विभिन्न जोन में कब्जे वाली जमीन को तीन श्रेणियों में बांटकर कार्रवाई की जा रही है। जीडीए अधिकारियों के मुताबिक पहली श्रेणी में ऐसी जमीन शामिल हैं, जहां आबादी अब बस चुकी है। ऐसे में जमीन पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखकर अनुमति मांगी जाएगी। दूसरी श्रेणी में ऐसी जमीनें शामिल हैं, जहां कानूनी विवाद चल रहा है। कानूनी विवाद वाली जमीन को पहले अवार्ड हो चुकी जमीन और दूसरी में अन्य तरह की मुकदमे वाली जमीन के रूप में चयनित किया गया है। अवार्ड वाली जमीन का केस अदालत में है लेकिन यह केस मुआवजे की राशी पर चल रहे हैं। ऐसे में अवार्ड वाली जमीन पर कब्जा लिया जाएगा। इन जमीनों को कब्जे से मुक्त कराने के लिए अदालत में पुरजोर तरीके से पैरवी की जाएगी। तीसरी श्रेणी में कब्जामुक्त कराई जा सकने वाली जमीन को शामिल हैं, जिसके खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है।
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जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करुणेश कहते हैं कि भूमाफिया के खिलाफ आने वाले दिनों में अभियान तेज होगा। जमीन को कब्जामुक्त कराकर लैंडबैंक तैयार किया जाएगा। इससे जीडीए को अपनी आय बढ़ाने के साथ नई योजनाएं लाने में मदद मिलेगी।
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