दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर बनेंगे तीन विश्वस्तरीय पिंक शौचालय
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले वाहन चालकों को जल्द विश्वस्तरीय पिंक और सार्वजनिक शौचालयों की सौगात मिलेगी। शासन के निर्देश पर दिल्ली-मेरठ हाईवे के विभिन्न स्थानों पर तीन सार्वजनिक पिंक शौचालय का निर्माण किया जाएगा। जीडीए ने तीन स्थानों का चयन कर लिया है। पहला पिंक शौचालय दुहाई में डीपीएस एचआरआईटी के पास बनेगा।
जीडीए ने दुहाई में बनने वाले शौचालय की जमीन की अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी करने के साथ मुआवजा बांट दिया है। जमीन हस्तांतरण की कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है। प्रमुख सचिव आवास के निर्देश पर तीनों शौचालयों की जमीन चयनित करने और निर्माण के लिए प्राधिकरण की ओर से तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी में मुख्य अभियंता विवेकानंद सिंह, सीएटीपी आशीष शिवपुरी और ओएसडी संजय कुमार शामिल हैं। कमेटी ने दुहाई के अलावा दूसरा पिंक शौचालय के लिए ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के मुरादनगर स्थित चेंज ओवर के पास और तीसरे शौचालय के लिए मोरटा में जैन मंदिर के पास जमीन चिन्हित की गई है।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के चेंजओवर पास शौचालय के लिए चयनित की गई जमीन एनएचएआई की है। ऐसे में जमीन हासिल करने के लिए प्राधिकरण की ओर से पत्राचार कर एनएचआई अधिकारियों से जल्द वार्ता की जाएगी। वहीं, मोरटा में जैन मंदिर के पास चिन्हित की गई जमीन एलएमसी की है। ऐसे में इस जमीन को हासिल करने के लिए भी विभागीय कवायद शुरू हो गई है। जीडीए अधिकारियों के मुताबिक जमीन मिलने के बाद तीनों शौचालयों का निर्माण कार्य लगभग छह माह के अंदर पूरा कर लिया जाएगा।
एयरपोर्ट की तर्ज पर होंगी सुविधाएं
तीनों पिंक शौचालय मॉडल के रूप में बनाए जाएंगे। इन शौचालयों में एयरपोर्ट की तर्ज पर अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। तीनों स्थानों पर सार्वजनिक शौचालयों के साथ महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट तैयार होंगे। टॉयलेट के निर्माण के लिए प्राधिकरण ने खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। जमीन हासिल होने के बाद शौचालयों की लागत और प्रारूप पर काम शुरू होगा।
कोट
एक्सप्रेसवे पर बनने वाले विश्वस्तर के तीन पिंक व सार्वजनिक शौचालय में से दुहाई के पास एक के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। बाकी दो शौचालयों की जमीन जल्द मिल जाएगी। लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए हाईवे पर एयरपोर्ट की तर्ज पर शौचालय बनाए जाएंगे।
आशीष शिवपुरी, सीएटीपी, जीडीए